असली विजेता(Real Hero)
स्मिता स्कूल के नोटिस बोर्ड पर कोटेशन लिख रही थी....
' जीतने वाला ही नहीं...
बल्कि कहां पर हारना है...
ये जानने वाला भी महान होता है.'
स्मिता की colleauge ने जब ये कोटशन पढ़ा तो बोली... स्मिता नाइस कोटेशन...पर आज तुम कैसे कोटेशन लिख रही हो...तब स्मिता बोली कभी कभी जिंदगी में कई घटनाएं ऐसी होती है जो दिल को छू जाती हैं... मेरे साथ में भी ऐसा ही कुछ हुआ... इसलिए मुझे ये कोटशन ध्यान आ गयी... आओ स्टाफ रूम में... मैं तुम्हे शुरू से बताती हूँ और स्मिता ने बोलना शुरू किया... उसने बताया कुछ दिन पहले मैंने अपनी क्लास में अनाउंस किया कि एक फॉर्म फिल करना है... फॉर स्कॉलरशिप टेस्ट... जो इसको क्लियर करेगा उसकी फीस माफ हो जाएगी.. अब तुम्हे तो पता हैं की यहाँ सब बच्चे अमीर घरों के आते हैं तो किसी ने क्लास में इतना इंटरेस्ट नहीं दिखाया.... सिवाय दो बच्चों के एक वनिता और एक रीमा... वनिता क्लास की सबसे इंटेलीजेंट लड़की हैं ...सबको कन्फर्म था की एग्जाम वो ही क्लियर करेंगी... सबने उससे advance में ही पार्टी मांग ली की अब तो डबल ट्रीट लेंगे... एक तो तेरे पापा अच्छी पोस्ट पर हैं ऊपर से फीस माफ़.वनिता ने भी सबको प्रॉमिस किया की पक्का वो पार्टी देगी .
एग्जाम नेक्स्ट वीक ही था... दोनों टेस्ट की तैयारी में लग गई.. ऐसा नहीं है रीमा इंटेलीजेंट नहीं थी... पर उसे पता था वह वनिता को पीछे नहीं छोड़ सकती.
एक दिन वनिता स्कूल लाइब्रेरी में थी तभी वहां पर रीमा भी आ गई.. उसे किसी बुक की नीड थी और वह librarian से वह बुक मांग रही थी... पर वो बुक किसी और बच्चे ने इशू करा ली थी. रीमा सर से रिक्वेस्ट कर रही थी.. सर प्लीज आई वांट दिस बुक वेरी अर्जेंट.... मेरा नेक्स्ट वीक टेस्ट है... मुझे बुक जरूर चाहिए तो librarian बोला अभी तो पॉसिबल नहीं होगा और अगर इतनी ही नीड है तो तुम मार्केट से क्यों नहीं ले लेते हो... वैसे भी तुम्हें क्या फर्क पड़ेगा तुम अमीर घर के बच्चे हो... तब रीमा की आंखों में आंसू आ गए उसने कहा सर मैं अमीर घर से नहीं हूं मेरे पापा इस दुनिया में नहीं है.... मेरी मम्मी ने बड़ी मुश्किल से यहाँ एडमिशन कराया हैँ.. बस वह मुझे अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहती थी... मैं ये एग्जाम क्लियर करके उनकी मदद करना चाहती हूँ ... और वो रोते हुए बाहर चली गयी.
वनिता ये सब देख और सुन रही थी उसके जाने के बाद उसने लाइब्रेरियन से बुक का नाम पूछा और अगले दिन वह बुक खरीद के लाइब्रेरियन को दी और कहा ये रीमा को बुला कर दे देना और मेरा नाम मत लेना .. नेक्स्ट वीक दोनों ने पेपर दिया.
रिजल्ट से पहले सब sure थे की वनिता ही फर्स्ट आएगी पर सब सरप्राइज हुए हुए जब रीमा फर्स्ट आयी...मैं खुद बहुत surprise हुई मैंने पूछा बेटा तुम इतने इंटेलिजेंट हो.. तुम्हे क्या हुआ.. सबसे सरप्राइज तो ये था की तुमने आधे से ज्यादा क्वेश्चन एटेम्पट ही नहीं किये थे... बात क्या हैँ.
बट वनिता बताने को तैयार ही नहीं थी... जब मैंने बहुत insist करा तब बोली mam प्लीज आप किसी को बताइएगा नहीं... मेरे लिए ये टेस्ट क्लियर करना इतना जरुरी नहीं था.... मेरे पापा आराम से फीस भर सकते हैँ पर रीमा की मम्मी नहीं और उसने रीमा की पूरी स्टोरी mam को बताई.
तभी पीछे से रीमा और उसकी मम्मी मिठाई लेकर आये ..वो दोनों बहुत खुश थे.. मैंने उन दोनों को कॉन्ग्रैट्स बोला और सबने मिठाई खायी.. उनके जाने के बाद वनिता ने कहा mam आपने इनके चेहरे पर ख़ुशी देखी... अगर इनको पता चल जाता तो शायद इनके चेहरे पर वो ख़ुशी नहीं दिखती... इसलिए प्लीज आप ये बात कभी किसी को नहीं बताइयेगा. सच में मैं इतना भावुक हो गयी... इतनी छोटी सी बच्ची का इतना बड़ा sacrifice देख कर.
ये सब सुन कर स्मिता की colleaugue बोली .. तुम्हारी बात सुनने के बाद ऐसा लगा की जरुरी नहीं हमेशा बड़े ही सीख दे... कभी कभी बच्चे भी बहुत बड़ी सीख दे जाते हैँ... बस हमें एक्सेप्ट करना आना चाहिए. .. सच में तुम्हारी बात सुनने के बाद ये कोटेशन बिलकुल सही दिख रहा हैँ....सच बताऊ तो ये कोटेशन नहीं ये तो वनिता का तुम्हारी साइड से रिवॉर्ड हैँ.
तभी स्कूल bell की आवाज सुन कर दोनों अपनी अपनी क्लास में चले गये.
स्मिता स्कूल के नोटिस बोर्ड पर कोटेशन लिख रही थी....
' जीतने वाला ही नहीं...
बल्कि कहां पर हारना है...
ये जानने वाला भी महान होता है.'
स्मिता की colleauge ने जब ये कोटशन पढ़ा तो बोली... स्मिता नाइस कोटेशन...पर आज तुम कैसे कोटेशन लिख रही हो...तब स्मिता बोली कभी कभी जिंदगी में कई घटनाएं ऐसी होती है जो दिल को छू जाती हैं... मेरे साथ में भी ऐसा ही कुछ हुआ... इसलिए मुझे ये कोटशन ध्यान आ गयी... आओ स्टाफ रूम में... मैं तुम्हे शुरू से बताती हूँ और स्मिता ने बोलना शुरू किया... उसने बताया कुछ दिन पहले मैंने अपनी क्लास में अनाउंस किया कि एक फॉर्म फिल करना है... फॉर स्कॉलरशिप टेस्ट... जो इसको क्लियर करेगा उसकी फीस माफ हो जाएगी.. अब तुम्हे तो पता हैं की यहाँ सब बच्चे अमीर घरों के आते हैं तो किसी ने क्लास में इतना इंटरेस्ट नहीं दिखाया.... सिवाय दो बच्चों के एक वनिता और एक रीमा... वनिता क्लास की सबसे इंटेलीजेंट लड़की हैं ...सबको कन्फर्म था की एग्जाम वो ही क्लियर करेंगी... सबने उससे advance में ही पार्टी मांग ली की अब तो डबल ट्रीट लेंगे... एक तो तेरे पापा अच्छी पोस्ट पर हैं ऊपर से फीस माफ़.वनिता ने भी सबको प्रॉमिस किया की पक्का वो पार्टी देगी .
एग्जाम नेक्स्ट वीक ही था... दोनों टेस्ट की तैयारी में लग गई.. ऐसा नहीं है रीमा इंटेलीजेंट नहीं थी... पर उसे पता था वह वनिता को पीछे नहीं छोड़ सकती.
एक दिन वनिता स्कूल लाइब्रेरी में थी तभी वहां पर रीमा भी आ गई.. उसे किसी बुक की नीड थी और वह librarian से वह बुक मांग रही थी... पर वो बुक किसी और बच्चे ने इशू करा ली थी. रीमा सर से रिक्वेस्ट कर रही थी.. सर प्लीज आई वांट दिस बुक वेरी अर्जेंट.... मेरा नेक्स्ट वीक टेस्ट है... मुझे बुक जरूर चाहिए तो librarian बोला अभी तो पॉसिबल नहीं होगा और अगर इतनी ही नीड है तो तुम मार्केट से क्यों नहीं ले लेते हो... वैसे भी तुम्हें क्या फर्क पड़ेगा तुम अमीर घर के बच्चे हो... तब रीमा की आंखों में आंसू आ गए उसने कहा सर मैं अमीर घर से नहीं हूं मेरे पापा इस दुनिया में नहीं है.... मेरी मम्मी ने बड़ी मुश्किल से यहाँ एडमिशन कराया हैँ.. बस वह मुझे अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहती थी... मैं ये एग्जाम क्लियर करके उनकी मदद करना चाहती हूँ ... और वो रोते हुए बाहर चली गयी.
वनिता ये सब देख और सुन रही थी उसके जाने के बाद उसने लाइब्रेरियन से बुक का नाम पूछा और अगले दिन वह बुक खरीद के लाइब्रेरियन को दी और कहा ये रीमा को बुला कर दे देना और मेरा नाम मत लेना .. नेक्स्ट वीक दोनों ने पेपर दिया.
रिजल्ट से पहले सब sure थे की वनिता ही फर्स्ट आएगी पर सब सरप्राइज हुए हुए जब रीमा फर्स्ट आयी...मैं खुद बहुत surprise हुई मैंने पूछा बेटा तुम इतने इंटेलिजेंट हो.. तुम्हे क्या हुआ.. सबसे सरप्राइज तो ये था की तुमने आधे से ज्यादा क्वेश्चन एटेम्पट ही नहीं किये थे... बात क्या हैँ.
बट वनिता बताने को तैयार ही नहीं थी... जब मैंने बहुत insist करा तब बोली mam प्लीज आप किसी को बताइएगा नहीं... मेरे लिए ये टेस्ट क्लियर करना इतना जरुरी नहीं था.... मेरे पापा आराम से फीस भर सकते हैँ पर रीमा की मम्मी नहीं और उसने रीमा की पूरी स्टोरी mam को बताई.
तभी पीछे से रीमा और उसकी मम्मी मिठाई लेकर आये ..वो दोनों बहुत खुश थे.. मैंने उन दोनों को कॉन्ग्रैट्स बोला और सबने मिठाई खायी.. उनके जाने के बाद वनिता ने कहा mam आपने इनके चेहरे पर ख़ुशी देखी... अगर इनको पता चल जाता तो शायद इनके चेहरे पर वो ख़ुशी नहीं दिखती... इसलिए प्लीज आप ये बात कभी किसी को नहीं बताइयेगा. सच में मैं इतना भावुक हो गयी... इतनी छोटी सी बच्ची का इतना बड़ा sacrifice देख कर.
ये सब सुन कर स्मिता की colleaugue बोली .. तुम्हारी बात सुनने के बाद ऐसा लगा की जरुरी नहीं हमेशा बड़े ही सीख दे... कभी कभी बच्चे भी बहुत बड़ी सीख दे जाते हैँ... बस हमें एक्सेप्ट करना आना चाहिए. .. सच में तुम्हारी बात सुनने के बाद ये कोटेशन बिलकुल सही दिख रहा हैँ....सच बताऊ तो ये कोटेशन नहीं ये तो वनिता का तुम्हारी साइड से रिवॉर्ड हैँ.
तभी स्कूल bell की आवाज सुन कर दोनों अपनी अपनी क्लास में चले गये.
Nice di
ReplyDeleteThanku 🙂👍
ReplyDeleteMotivational
ReplyDeleteGood di 👍
Thanku cheenu🙂🙏
Deletenice Risha didi
ReplyDeleteThnx bhabhi🤗🙏
ReplyDeleteSuperb very well written
ReplyDeleteThanku🤗🤗🙏🙏
ReplyDeleteAise log khud haarkar bhi logo ka Dil jeet lete hai.😊😊
ReplyDeleteVery nice.
you wrote this like a professional..👏👏👏
Thanku sooo much sonu👍🙂🙏
ReplyDeleteVery nice ...touching story
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteThanku dear🙂🤗👍
ReplyDeleteI am speechless di.Very nice and heart touching story di👌👌and very beautifully described by you.
ReplyDeleteThanku sooo much ankita...your comments are sooo valuable for me🙏🙏🙏🙂.again thanku👍
ReplyDeleteReally nice Mosi!!
ReplyDeleteThanks a lot beta🤗🤗
ReplyDelete