हिम्मत /मंजिल
'संपर्क टूटा है हौसला नहीं
विक्रम रुका है
इसरो नहीं '
कल रात पूरा देश उस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहता था... सबको लग रहा था कि बस मंजिल मिल ही गई .. सारे वर्ल्ड में में हमारा नाम होगा... पर एन्ड मोमेंट पर हम सबके सपने टूट गया... हम हमारी मंजिल से कुछ कदम दूर रह गए... एक पल को सब हताश हो गए, निराश हो गए. पर अगले ही पर लगा... कोई नहीं अभी मंजिल और हैं , रास्ते नये बनाएंगे... मंजिल तक पहुंचेंगे... हिम्मत नहीं हारेंगे.
ऐसा ही हम सब के साथ जिंदगी के किसी ना किसी मोड़ पर होता है... हमें लगता है कि हम हमारी मंजिल तक पहुंच ही गए... हम बहुत एक्साइटेड हो जाते हैं... बड़े-बड़े सपने देखने लगते हैं.... कल्पनाओं के संसार में चले जाते हैं... पर जैसे ही मंजिल से भटकते हैं.... हम निराश हो जाते हैं, डिप्रेशन में चले जाते हैं... एक पल को ऐसा लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया... . ऐसा लगता है कि जिंदगी में कुछ भी नहीं बचा.
पर मैं ऐसे उन सभी लोगों से कहना चाहूंगी.... 'मंजिल खोयी है
रास्ते नहीं
सपने टूटे हैं
हिम्मत नहीं '
और जैसा की आज सारा देश इसरो पर गर्व कर रहा हैं... उनके प्रयासों को, उनकी कोशिशों की सराहना कर रहा.... उनकी तारीफ कर रहा है.... उनकी और उम्मीदों से देख रहा हैं... कि हां हम होंगे 'कामयाब एक दिन '
ऐसा ही हम सब के साथ होता है... अगर हम कभी फेल भी होते हैं... पर हमने कोशिश करी है तो लोगों को भी उम्मीद होती है कि हम जरूर कुछ अच्छा करेंगे, सक्सेज होंगे. वैसे भी हम पढ़ते आए हैं कि..
'लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती...
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती'.
'संपर्क टूटा है हौसला नहीं
विक्रम रुका है
इसरो नहीं '
कल रात पूरा देश उस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहता था... सबको लग रहा था कि बस मंजिल मिल ही गई .. सारे वर्ल्ड में में हमारा नाम होगा... पर एन्ड मोमेंट पर हम सबके सपने टूट गया... हम हमारी मंजिल से कुछ कदम दूर रह गए... एक पल को सब हताश हो गए, निराश हो गए. पर अगले ही पर लगा... कोई नहीं अभी मंजिल और हैं , रास्ते नये बनाएंगे... मंजिल तक पहुंचेंगे... हिम्मत नहीं हारेंगे.
ऐसा ही हम सब के साथ जिंदगी के किसी ना किसी मोड़ पर होता है... हमें लगता है कि हम हमारी मंजिल तक पहुंच ही गए... हम बहुत एक्साइटेड हो जाते हैं... बड़े-बड़े सपने देखने लगते हैं.... कल्पनाओं के संसार में चले जाते हैं... पर जैसे ही मंजिल से भटकते हैं.... हम निराश हो जाते हैं, डिप्रेशन में चले जाते हैं... एक पल को ऐसा लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया... . ऐसा लगता है कि जिंदगी में कुछ भी नहीं बचा.
पर मैं ऐसे उन सभी लोगों से कहना चाहूंगी.... 'मंजिल खोयी है
रास्ते नहीं
सपने टूटे हैं
हिम्मत नहीं '
और जैसा की आज सारा देश इसरो पर गर्व कर रहा हैं... उनके प्रयासों को, उनकी कोशिशों की सराहना कर रहा.... उनकी तारीफ कर रहा है.... उनकी और उम्मीदों से देख रहा हैं... कि हां हम होंगे 'कामयाब एक दिन '
ऐसा ही हम सब के साथ होता है... अगर हम कभी फेल भी होते हैं... पर हमने कोशिश करी है तो लोगों को भी उम्मीद होती है कि हम जरूर कुछ अच्छा करेंगे, सक्सेज होंगे. वैसे भी हम पढ़ते आए हैं कि..
'लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती...
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती'.
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