बंद, बंद, इस lockdown में सब कुछ बंद, होटल, रेस्टोरेंट भी बंद, क्या बच्चे, क्या बड़े, जो वीक में 4 दिन बाहर खाना खाते थे, 2 दिन घर में, अब सातों दिन कैसे खा पाएंगे घर का खाना😱😱, होटल बंद तो क्या, यह जुबान और चंचल मन, यह तो दौड़ता रहता है, एक तो पहले से ही बाई नहीं आती, ऊपर से सब लोग घर में,, बेचारी औरते पूरी तरह से व्यस्त और पस्त है, कभी रोटी सब्जी बना दो तो बच्चों का मुंह बन जाता है, तुरई देख कर पतिदेव भी मुंह बनाते हैं, पर बेचारे डर के मारे चुपचाप खा लेते हैं!
चलो जी यूट्यूब देख कर ही कुछ बनाया जाए, और नहीं भी बनाए तो क्या करें, जब लोगों के स्टेटस और एफबी पर नई नई डिशेस के फोटो आते हैं तो सबके मुंह बन जाते हैं,, उनके घर में भी तो बाई नहीं है, पर वह भी तो बना रही है, बहुत बार बहाना बनाया, सामान लिमिटेड है, सोच समझ कर खर्च करेंगे, पर नहीं, दूसरे के घर में भी तो बन रहा है,वह भी तो सामान लाते हैं, कोई उगाते थोड़े ना है!कभी कभी बच्चों और पतिदेव को कीड़ा काटता, तुम हटो आज हम बनाएंगे, डिश क्या बनती, रसोई पूरी फैल जाती, जिसको देख कर श्रीमती जी फैल जाती,ऊपर से क्रेडिट, आज तुमको आराम करवाया, खाना हमने बनाया !
बेचारी औरतें नमकीन बनाती तो मीठे की फरमाइश, जलेबी बनाती तो कभी वो बन जाता हलवा,,, पर क्या करें जी होटल की कमी तो यही पूरी करनी है !
खाना खाने से पहले ही एक आवाज आती है,,, रुको अभी फोटो तो लेने दो, अपडेट करना है, फ्रेंड्स ओर रिलेटिव्स भी तो देखें, यह क्या अभी तक किसी ने कमेंट नहीं किया, मैंने तो उसकी डिश को झट से लाइक कर दिया था, लो जी एक नई टेंशन और,, और इधर घर के सदस्य बेचारे इंतजार में बैठे हैं कि हमको तो खाने दो, लाइक तो हम ही कर देंगे !
तो ऐसा है आजकल सबके घरों में यही हाल, कहीं ज्यादा, कहीं कम, अब तो सबकी एक ही भगवान से इच्छा है, होटल खुले, आर्डर करें, आहा कितना मजा आता है आराम से बैठकर आर्डर करने में !
चलो जी यूट्यूब देख कर ही कुछ बनाया जाए, और नहीं भी बनाए तो क्या करें, जब लोगों के स्टेटस और एफबी पर नई नई डिशेस के फोटो आते हैं तो सबके मुंह बन जाते हैं,, उनके घर में भी तो बाई नहीं है, पर वह भी तो बना रही है, बहुत बार बहाना बनाया, सामान लिमिटेड है, सोच समझ कर खर्च करेंगे, पर नहीं, दूसरे के घर में भी तो बन रहा है,वह भी तो सामान लाते हैं, कोई उगाते थोड़े ना है!कभी कभी बच्चों और पतिदेव को कीड़ा काटता, तुम हटो आज हम बनाएंगे, डिश क्या बनती, रसोई पूरी फैल जाती, जिसको देख कर श्रीमती जी फैल जाती,ऊपर से क्रेडिट, आज तुमको आराम करवाया, खाना हमने बनाया !
बेचारी औरतें नमकीन बनाती तो मीठे की फरमाइश, जलेबी बनाती तो कभी वो बन जाता हलवा,,, पर क्या करें जी होटल की कमी तो यही पूरी करनी है !
खाना खाने से पहले ही एक आवाज आती है,,, रुको अभी फोटो तो लेने दो, अपडेट करना है, फ्रेंड्स ओर रिलेटिव्स भी तो देखें, यह क्या अभी तक किसी ने कमेंट नहीं किया, मैंने तो उसकी डिश को झट से लाइक कर दिया था, लो जी एक नई टेंशन और,, और इधर घर के सदस्य बेचारे इंतजार में बैठे हैं कि हमको तो खाने दो, लाइक तो हम ही कर देंगे !
तो ऐसा है आजकल सबके घरों में यही हाल, कहीं ज्यादा, कहीं कम, अब तो सबकी एक ही भगवान से इच्छा है, होटल खुले, आर्डर करें, आहा कितना मजा आता है आराम से बैठकर आर्डर करने में !