Jindagi ek unsuljhi paheli

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Monday, 17 August 2020

एक माँ का अपनी बेटी से वादा 😍😍😍😍

 कैसे भूल सकती मैं तेरी वो पहली मुस्कान,

 जिस  पर कुर्बान थे, मेरे ये  दोनों जहान !

याद हैँ तेरी वो मीठी सी हसीं, 

जिसमे मेरी सारी दुनिया थी बसी !

जब तू चलने लगी डगमग डगमग नन्हे इन कदमो से, 

हटा दी मैंने तेरी राह की सारी अडचन, 

तुझे संभल कर पग भरने के लिए !

तेरी वो मुँह से निकलती जरा सी भी आह, 

छीन लेती मेरा चैन, और  लूट लेती  जैसे   मेरा सारा जहाँ !


जिस चीज पर भी तू रख देती हाथ, 

जब तक ना दे दू तुझे, नहीं छोड़ती तेरा वो साथ !

फिर आज जब तू बड़ी होने लगी, 

और मुझसे कही ज्यादा इस दुनिया को तेरी विदाई की चिंता होने लगी !

पर ये मेरा वादा हैँ तुझसे, ढूंढूंगी तेरे लिए कोई ऐसा वर, 

जो तेरे सारे दुख, मुसीबत, एक चुटकी में लेगा  बस हर !

एक बार नहीं, सौ बार मैं सोचूंगी, 

ऐसे ही नहीं बस तेरा हाथ किसी को भी मैं सौपूंगी !

बचपन में तेरी गुड़िया के लिए भी जब ढूंढ़ती थी मैं गुड्डा, 

तेरे सुकून के लिए ठोक बजा कर उसे भी मैं परखती !

फिर अब तो हैँ मेरी इस गुड़िया की बारी, 😘😘

जिस पर जाऊ मैं बलिहारी, 🤗🤗

जिसके लिए मैं सारी दुनिया ही हारी, 

ले लू उसकी सौ सौ बलाये, और जाऊ मैं वारी, 

बस अब कर ली तुझे तेरे सपनो के राजकुमार से मिलवाने की तैयारी !👫

Wednesday, 12 August 2020

बेटी ही क्यों?

 सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा, 'बेटियां हमेशा प्यारी बेटियां होती हैं,  लेकिन बेटों की नीयत  और व्यवहार विवाह के बाद बदलने लगते हैं'!

सोलह आने सच है यह बात,  एक बेटी  अपने मां बाप को कभी दुखी नहीं देख सकती,  शादी के बाद तो वो  मन से उनके और करीब आ जाती है, और हमेशा उनकी फिक्र में रहती है, कोई उनके मां-बाप को बुरा भला कहे,  वह न कभी सुन सकती और  ना ही  सहन कर पाती !

पर फिर बेटे क्यों ऐसे हो जाते हैं,  जो बेटे शादी से पहले अपने मां बाप के प्यारे होते हैं,  जिनको अपने मां-बाप इतने प्यारे होते हैं, यकायक  शादी  होते ही वह उनकी आंखों में खटकने लगते हैं,  उनको उनकी जरा सी भी टोकाटाकी  बर्दाश्त नहीं होती, वह अपने निर्णय,  अपनी  स्वतंत्र जिंदगी जीना चाहते हैं !

पर इधर बेटी  अपनी छोटी से छोटी बात, अपने सारे निर्णय अपने मां-बाप को बताती है !

पर यहां मै  एक बात कहना चाहूंगी, एक बेटी अपने मां-बाप से सब शेयर करती है,  पर एक बहू कभी नहीं,  यही बेटी जब  बहू बनती है, तो  उसको अपनी आजादी,अपने  अधिकार,  अपना घर सब याद आ जाता है,  पर जब वह बेटी होती है तो अपने मां बाप की बहू को सारे उसके कर्तव्य याद दिलाती है!

शायद यह सब मानते होंगे, आदमी लोग घर गृहस्थी की बातों में ज्यादा रुचि नहीं रखते, वो तो वो  ही समझते हैं जो उनको बताया जाता है, जब उनकी पत्नी  दिन रात उनके मां-बाप के खिलाफ  कान भरती  है तो वो  उसकी बातों में तुरंत ही आ जाते हैं, क्योंकि वह बातों की गहराई में जाते ही नहीं है,  यह नहीं समझते कि जो माँ बाप शादी से पहले उसके परम हितैषी थे,  अब दुश्मन कैसे हो गए! 

अगर हर बेटी अपने सास-ससुर से वही रिश्ता शेयर करें जो वह अपने मां-बाप से करती है तो शायद कोर्ट भी अपने  निर्णय पर दोबारा सोचेगा,  फिर शायद उसको यही कहना पड़े की बेटियों की तरह बेटे  भी पूरी जिंदगी अपने मां-बाप के प्यारे बेटे ही रहते हैं!

पर यहां मैं आपको एक बात और कहना चाहूंगी कि जो मां बाप अपने बेटी की गलत बात को भी सही कहते हैं,  गर वह बहू की भी हर गलती को नजरअंदाज करेंगे तो शायद चीजें थोड़ी और आसान हो जाएंगी!

 वैसे भी कहते हैं ना की ताली कभी भी एक हाथ से नहीं बजती है !

अगर आप इस विषय पर अपनी राय रखना चाहे तो मुझे बहुत बहुत ख़ुशी होगी !🙏🙏🙏

Thursday, 6 August 2020

Happy bday✍️✍️✍️✍️✍️

हेलो कैसे हैं आप सब, क्या हुआ🤔🤔🤔,  भूल गए आप सब मुझे,  वैसे  आपकी कोई गलती नहीं है, मैं आज  यहां आई बहुत दिन बाद हू !

पर आज  कारण था मेरे यहां पर आने का, आज किसी का जन्मदिन है,  तो मैं उसका जन्मदिन आप सबके साथ मनाने आई हू, क्यूंकि  आप लोग के प्रोत्साहन के बिना उसका जन्म संभव भी नहीं था !

आज मेरी कलम✍️✍️✍️✍️, मेरी लेखनी का जन्मदिन है,  आज ही के दिन मैंने अपना पहला ब्लॉग पोस्ट किया, 'मां की परेशानी',  और सच बताऊं तो आप सब ने मुझे बहुत सम्मान दिया,  मेरा प्रोत्साहन करके मुझ में नई ऊर्जा जगा दी!

 वैसे इसका श्रेय किसी और को भी जाता है, मैंने मेरी पोस्ट, ' मां की परेशानी ', सबसे पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर डरते डरते लगायी, मैं  बहुत घबरा गई, कही कोई हसेगा तो नहीं,  पर किसी का कमेंट आया 'माशाअल्लाह', 

सच उस एक कमेंट ने मुझमे एक  जोश भर दिया,  मुझे हिम्मत दी  और मैंने अपना ब्लॉग बनाया, इसलिए आप सबसे एक विनती हैँ🙏🙏🙏, अगर आपको कुछ अच्छा  लगता है, तो प्रशंसा करने में झिझके  नहीं,  आपकी  एक छोटी सी  प्रशंसा किसी के जीवन को नई दिशा दे सकती है!

 वैसे मैंने उस पर  एक ब्लॉग भी लिख रखा है, 'आर्ट ऑफ अप्प्रेसिअशन '!

आजकल में एक ऐप प्रतिलिपि पर लिखा रही हू, वहां भी मेरे कई दोस्त बन गए, (पर चिंता मत करिये आप सब को नहीं भूली मैं 🤗🤗🤗🤗 ), वहां  मैं कई बार नंबर वन पर भी आ चुकी,  कभी-कभी तो एक ही समय में 3 स्थान पर नंबर वन 💃💃💃💃!

वहां कई प्रतियोगिताएं भी होती हैं,  जिसमे मुझे  इनाम भी मिला!

 आज मैं आप सबको धन्यवाद देने आई हू,  और आप सब  से कुछ मांगना चाहती  हू, मेरे इस सफर में   हमेशा मेरे साथ रहना,  क्योंकि अपनों का साथ बहुत हिम्मत देता है!

 थैंक्यू ऑल ऑफ यु वंस अगेन🙏🙏🙏, and  हैप्पी बर्थडे मेरी कलम को✍️✍️✍️,  मेरी लेखनी को !

चलिए मैं चलती हूं, कभी  कुछ दिल  की बात आप तक पहुंचानी  होगी तो जरूर मिलूंगी,  यहीं पर,  तब तक अपना ध्यान रखिए,  मास्क लगाइए,  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करिये, बाय 👋👋👋👋🤗🤗🤗🤗