Jindagi ek unsuljhi paheli

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Sunday, 24 November 2019

Art of appreciation

Art of appreciation

उसका डायमंड सेट कितना सुंदर है, क्या पर्सनालिटी हैं मेरे बॉस की, उसकी साड़ी कितनी सुन्दर हैं, राहुल कितना इंटेलीजेंट हैं... क्लास में हमेशा फर्स्ट आता हैं.
ऐसी तमाम बातो से हम रोज रूबरू होते हैं.. हमें सामने वाले की खूबी दिखती हैं.. मन ही मन उसकी तारीफ करते हैं पर जिसकी तारीफ मन में कर रहे हैं कभी भी उस पर्सन से ही ये बात नहीं कहते.... कभी सोचा ऐसा क्यों.... क्योंकि हमें लगता है कि हम क्यों करें तारीफ. हमारा ईगो,  हमारा अहंकार आड़े आ जाता है, और थोड़ी सी जलन भी.
हमें लगता है कि अगर हम सामने वाले की तारीफ करेंगे तो वह आसमान में चढ़  जाएगा... हमें क्या पड़ी तारीफ करने की. पर एक बार अपना ईगो,  अहंकार,  जलन हटाकर सामने वाले की तारीफ करके देखो... उस बंदे को तो अच्छा लगेगा ही... तुम खुद देखना तुम्हे खुद  कितनी खुशी होगी... एक सेटिस्फेक्शन मिलेगा... और लोगों में तुम और ज्यादा लवेबल हो जाओगे... लोगों को तुम्हारी प्रजेंस अच्छी लगेगी.. तुम्हें admire करेंगे और तुम से कनेक्ट होने की कोशिश करेंगे.
 एक बार  ये ईगो... ये जलन को दूर हटा कर सामने वाले की खुलकर तारीफ करो... फिर देखना जमाना खुद तुम्हारे पास आएगा. चलो आज से ही शुरुआत करें... पहल मैं करती हूं.. आप सब एक बहुत ही अच्छे रीडर हो 🤗😊
एंड यू नो किसी के बारे में कुछ अच्छा बोलना भी एक कला होती है... जो सब में नहीं होती... बहुत ही विरले  होते हैं...  जिनको अगर सामने कुछ अच्छा दिखता है  तो उसको बोलने का साहस रखते हैं.
वैसे एक बात हैं... आप सब में ये खूबी हैं... तो फिर 👏👏👏👏आप सब के लिए 😉😉.

Wednesday, 20 November 2019

मर्द को कभी दर्द नहीं होता🙎‍♂️

 मर्द को कभी दर्द नहीं होता🙎‍♂️

आप समझ ही गए होंगे आज मै किस टॉपिक पर बात करने वाली हूं.... मर्द, आदमी.. शुरू से हमारे मन में यही समाया है कि मर्द को कभी दर्द नहीं होता,  वह कभी सबके सामने रोते नहीं,  जो रोता है... वह मर्द नहीं होता.... पूरे समाज में यही धारणा है. इसलिए कभी कोई आदमी रोना भी चाहता है तो सबके सामने नहीं रोता... कहीं अकेले में जाकर. क्योंकि सबके सामने रोने से वह कमजोर समझा जाता है.... कायर समझा जाता है. उसे बुजदिल तक कह देते हैं.
आप मानेंगे नहीं... मैंने कई बार मेरे बड़े बेटे को जो कि अभी एडल्ट हुआ... कहा कि बेटा अपनी फीलिंग्स छुपाया मत कर... अगर रोने का मन हो तो खुल कर रो... तो वह मुझ पर हंसता है. जबकि  यह बात मै आज से नहीं... तीन चार साल पहले से,  जब से उसने रोना बंद किया तब से कह रही हूं क्योंकि मैं चाहती हूं वह अपनी भावनाएं छुपाए नहीं.. पर उसके मन में भी यही है कि अब  मैं रोया तो कमजोर और कायर समझा जाऊंगा. अपने छोटे भाई पर भी हंसता है अगर वो रोता  है तो.
इस इंटरनेशनल मैन्स वीक  पर सचिन का पोस्ट पढ़ा तो मन को सुकून आया... उसने यही बोला कि हमें अपनी फीलिंग्स जाहिर करनी चाहिए... और अगर वजह है तो रोना चाहिए. रोने से हम कायर नहीं होते... क्योंकि हममे  सबके सामने रोने  की हिम्मत है... और मैं भी जब पूरी दुनिया के सामने... जब रिटायर हुआ... रोया.. तो मन बहुत हल्का हुआ... पूरी दुनिया  भावनात्मक रूप से मेरे और पास आयी... वे मेरी इस घड़ी  में मेरे साथ थे.
सच में हमें इस पुरानी रूढ़िवादिता को मिटाना होगा की आदमी कभी रोता नहीं.. क्यों... क्या  वह किसी का बेटा, भाई,  पति, पिता नहीं है और जब  इस रिलेशन से जुड़ी कोई भी बात उसके जीवन में हो तो वह क्यों ना रोए... सारी रूढ़ियां नारी के साथ ही नहीं पुरुषों के साथ भी हैं और ये उनमें से ही एक है.बस फर्क इतना है की इन रूढ़ियों को कोई रूढ़ि कहने की भी हिम्मत नहीं करता.
मै इस इंटरनेशनल मेंस वीक  पर हर आदमी से कहती  हूं...अगर कोई वजह है तो खुलकर रो .... अपने आंसू तुम्हें कमजोर नहीं मजबूत बनाएंगे, हल्का करेंगे.
 हैप्पी इंटरनेशनल मेंस वीक 🙏🙎‍♂️

Sunday, 17 November 2019

आजादी या गुलामी 🤔🤔

आजादी या गुलामी 🤔🤔
पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज के लड़के लड़कियों को ड्रग्स खरीदते हुए पकड़ा.... वहीं से उनके पेरेंट्स को फोन किया.... एक लड़के के पापा रोने लगे कि हमने तो बेटे को पढ़ने के लिए भेजा था. उस पापा के दिल पर क्या गुजरी होगी... वह सोच रहे थे कि उन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को अपने से अलग करके अपने से इतना दूर पढ़ने भेजा.... अपना पेट काटकर उसके खर्चे चला रहे थे कि कैसे भी करके उसका कैरियर बन जाए...पर  जब उनके पास सीधे पुलिस से फोन आया कि आपका बेटा ड्रग्स खरीदते पकड़ा गया... सोचो क्या हाल हुआ होगा उनका.
अरे जो ड्रग्स सप्लाई करते हैं क्या उनकी फैमिली नहीं होती.... उनको एक बार भी ख्याल नहीं आता कि हम क्यों युवा पीढ़ी को इस नरक में धकेल रहे हैं.... पर पैसों के आगे वह कहां सोच पाएंगे.
और आज की युवा पीढ़ी क्या इनको नहीं लगता कि अपने घर से इतना  दूर अपना करियर बनाने आए हैं... हमारे पेरेंट्स  ने  कितना दुखी होकर हमको अपने से अलग किया... वह अपनी खुशियों की परवाह ना करके हमारा खर्चा चला रहे हैं..अरे वो तो ये भी नहीं कहते की  हमारा सहारा बनो... तुम तो बस खुदका  ही  करियर बना लो... खुद का तो सहारा बन जाओ.
 तुम घर से दूर आए तो क्या समझते हो तुम आजाद हो गए... आजादी नहीं ये तो  गुलामी हैं... गुलामी है... नशेकी, बुरी आदतों की.... और एक बार इसके गुलाम  बन  गए तो जिंदगी भर गुलाम बन जाओगे... एक बार ये वक्त चला गया तो यह कभी वापस नहीं आएगा.... तो या तो इसे अपना करियर बनाने में लगा लो नहीं तो खोने को तो अब बचा भी क्या है. 

Thursday, 14 November 2019

Happy children's day🤾‍♀️🤾‍♂️👬👫👭

Happy children's day👭👫👬🤾‍♂️🤾‍♀️

किरण की कामवाली अपने साथ अपनी बेटी को भी लेकर आती, उसकी बेटी उसकी काम में मदद करती है, कभी झाड़ू लगाती, कभी बर्तन साफ करती, किरण उसको इंस्ट्रक्शंस देती... ढंग से झाड़ू लगा, ढंग से बर्तन साफ कर.. देख बर्तन गंदे हैं ,ऐसे काम होता है.. सही  से काम करना सीख. किरण का बेटा सोनू उसको रोज ऐसे देखता था... अगले दिन चिल्ड्रंस डे था.. सोनू ने कहा... मम्मी कल आप मेरे लिए क्या बनाओगी... कल चिल्ड्रंस डे है ... किरण ने कहा जो मेरा राजा बेटा बोलेगा   मैं बनाऊंगी तो सोनू  बोला... पर आप जो भी बनाओ वह थोड़ा एक्स्ट्रा बनाना... उसकी मम्मी ने पूछा क्यों तुम्हारे दोस्त आने वाले है.. सोनू ने कहा..नहीं मम्मी मैं कामवाली बाई की बेटी  के साथ में उसको शेयर करूंगा.. किरण को गुस्सा आया ..उसने कहा.. उसके साथ में कोई चीज शेयर नहीं करनी है.. आप अपना खाना... तो सोनू ने बड़ी मासूमियत से कहा... क्यों मम्मी बाई की बेटी गरीब है तो उसका चिल्ड्रंस डे नहीं हैं... उसका मन नहीं होता होगा चिल्ड्रंस डे मनाने का.... अपने बेटे के  मुँह से ऐसा  सुन कर किरण सोचने को मजबूर हो गयी... उसको अपने ऊपर शर्म आने लगी...  अगले दिन जैसे ही काम वाली  अपनी बेटी को लेकर आई तो किरण ने उसको सबसे पहले चिल्ड्रंस डे विश  किया फिर अपने बेटे और उसके लिए पास्ता,  मोमोज और पिज़्ज़ा लायी... बाई की बेटी पहले तो थोड़ा सहमी पर जब किरण ने उसको प्यार किया तो दोनों बच्चे खुशी से वो सब खाने लगे...  कामवाली बाई और किरण दोनों बहुत  खुश थे.🤗🤗🤗...किरण  सोच रही थी सच में आज मेरे बेटे ने आँखे खोल दी ,बचपन गरीबी अमीरी नहीं देखता... गरीब का बच्चा भी उतना ही  बच्चा होता हैं जितना अमीर का .
 हैप्पी चिल्ड्रंस डे  टू ऑल👫👭👬

Sunday, 10 November 2019

ससुराल के मायने (Meaning)

ससुराल के मायने(Meaning)

ससुराल से मेरा मान है ..
पहचान हैँ, अभिमान है .
ससुराल मे मै नहीं तो घर का कोना कोना है  सूना...
कौन से मसाले कहा रखे, सब है  परेशान...
किसके कपडे किधर रखे सब हैं हैरान,
धोबी का हिसाब, बाई का हिसाब, पेपर का हिसाब...
मेरे बिना सब हैं परेशान..
कौन पीयेगा फीकी चाय और कौन खायेगा कम तेल ,नमक की सब्जी... सबके लिए अजब हैँ पहेली...
पीहर में अगर रुकने जाऊ.. तो जिस कोने में रखी मेरी अटैची..
मेरे वहां से जाने पर माँ, भाभी को लगे वो जगह खुली खुली..
पर ससुराल में मेरे ना होने से घर का  कोना कोना है सूना..
पीहर में मेरी हर इच्छा का रखा जाता मान...
क्यूंकि मैं हूँ वहां दो दिन की मेहमान...
पर ससुराल में मेरे बिना नहीं होता कोई काम..
क्यूंकि यहाँ की मैं नहीं हूँ मेहमान..
दो  से गर रुकू पीहर में तीन दिन तो पड़ोसियों को भी लगे मेरी उपस्थिति का  बोझ..
पर ससुराल में ना रहू एक दिन तो पड़ोसियों को  भी लगे मेरी अनुपस्थिति का बोझ...
पति के  मोज़े कहा है.. . बच्चों की किताबें कहा है..
सास ससुर की दवाई  कहा है ..
सब कुछ हैँ मेरे बिना उल्टा पुल्टा..
इसलिए माना पीहर है  तुम्हारा पहला घर..
पर ससुराल है तुम्हारा ऐसा घर..
जहाँ तुम्हारे बिना नहीं किसी का गुजारा..
तो मत कोसो हमेशा अपने ससुराल को...
लाख कमी हो तुम्हारे ससुराल में..
पर मान रहेगा.. हमेशा तुम्हारा तुम्हारे इसी ससुराल में. 🤗🤗

Tuesday, 5 November 2019

महंगे गैजेट्स 📸⌨

महंगे गैजेट्स📸⌨
27 साल का सौरभ .. इलेक्ट्रिकल इंजीनियर.. नया नया जॉब  मिला.. खूब प्रोग्रेस करी... कोलकाता में फ्लैट लिया... अपनी कंपनी का इंचार्ज बना दिया . जैसा कि आजकल की जनरेशन.. वह भी बहुत गेजेट्स लवर था.. नया आईफोन लिया वह उसकी टेक्नोलॉजी को लेकर बहुत एक्साइटेड था... वह ट्रेन से जमशेदपुर अपने पेरेंट्स के पास जा रहा था फोन पर बात कर रहा था कि तभी कोई उसका फोन छीन कर बाहर भाग गया.. एक बार तो वह समझ ही नहीं पाया  फिर खुद भी अपने फोन के लिए ट्रेन से कूद गया.. पत्थर पर उसका सिर टकराया और उसकी डेथ हो गई.. पेपर में यह पढ़ते ही मन इतना खराब हो गया... मन अंदर तक रो दिया कि एक युवा जिसके कितने सपने थे.. एक शानदार भविष्य था... सब एक सेकंड में खत्म हो गया... उसके मां-बाप का क्या होगा... उनकी तो दुनिया ही खत्म हो गई.
मुझे पढ़कर यही लगा एक फोन ने सब कुछ खत्म कर दिया क्योंकि फोन भी ऐसा वैसा नहीं आईफोन था... उस लड़के की दुनिया और अपनी दुनिया को लेने भागा तो खुद की दुनिया ही खत्म कर ली.
आज हम सब इस टेक्नोलॉजी के इतने दीवाने हो गए कि इसको ही अपनी दुनिया बना लिया... यह हमको हमारी जान से भी प्यारा लगने लगा है.. इसको पाने को हम सब कुछ दांव पर लगा देते हैं... हो सकता है अगर आईफोन की जगह नॉर्मल फोन होता तो वह शायद ट्रेन से नहीं कूदता और आज इस दुनिया में होता.

एक किस्सा  मेरे साथ भी हुआ... हमने भी हमारे बेटे को महंगा आईफोन दिलाया उसका पहला फोन वह भी आईफोन वह भी बहुत खुश था...  हम बाहर ट्रिप पर गए और जब हम इमीग्रेशन लाइन में खड़े हुए तो मुझे पता चला कि मेरा बेटा बस में ही अपना फोन भूल गया... वैसे वापस हमें उसी बस में जाना था.. पर वह 2 घंटे मेरे और मेरे  बेटे के लिए 2 साल से कम नहीं थे... कभी मैं उस पर गुस्सा करती... कभी दुख होता.. उसका फोन खो गया तो उसका क्या होगा और उसकी हालत वह तो खुद ही जानता था... एक अपराध बोध से  ग्रस्त था .
एक जोक  भी है.. एक लड़की का एक्सीडेंट हुआ सब ने पूछा कहीं लगी तो नहीं... कहीं हड्डी तो नहीं टूटी और उसने कहा पहले देखो मेरा फोन तो नहीं टूटा.. उसको अपने लगने की नहीं अपने फोन की चिंता थी... यह जोक हमारी मेंटालिटी पर जोक है.

. मैं यह नहीं कह रही कि हमें नये नये  गैजेट नहीं लेने  चाहिए पर उसको अपने ऊपर इतना हावी नहीं करना चाहिए कि हमारी जान पर बन  आये और बाद में पछताने को कुछ भी ना रह जाये. 

Monday, 4 November 2019

Generation gap👨‍👩‍👦‍👦

Generation gap 👨‍👩‍👦‍👦

Suno aap kuch jyada hi frank nahi hote kya Rohan ke sath...mere khayal se parents aur bacho mein ek khulapan to hona chahiye but thodi jijhak bhi honi chahiye taki bacho mein ek dar rahe ...respect rahe.. Rohna ki mummy ne Rohan ke papa ko samjhate hue kaha to Rohan ke papa ne haste hue bola  ...tum na bahaut sochti ho...aisa kuch nahi hain.. aajkal bacho ke sath friendship rakhni chahiye, jisse vo humse kuch chupaye nahi aur vo humse dare bhi nahi..tabhi to ye So called Generation gap khatam hoga....aur dekhna main ye gap khutum karke hi rahunga. Rohan ki mummy ne kaha aapko samjhana bekar hain..aur vo apne kam mein lag gayi.

Next day Rohan ke papa ne Rohan se kaha.... beta aaj mujhe office mein jyada kam nahi hain..chalo apan outing par chalate hain..Rohan ne kaha papa aaj to mera frnds ke sath pahle se  programme hain...main nahi aa paounga...are to kya hua frnd ko bhi bula lo ...hum sab sath chalate hai ..aur main to vaise bhi tum sab ke sath bahaut frank hu..mujhse kya chipa hain..we will spend gr8 time buddy.Rohan thoda pareshan hua..par jub uske papa ne bahaut insist kiya to usne kaha thik hain main frnds ko bolta hu.tabhi Rohan ke papa ka phone aa gaya and vo dusre room mein chale gaye.
Rohan ne apne frnds ko conference par lekar call kiya  ..Rohan ne sabko bataya ki papa bhi sath chalenge..sab ek sath bole tu pagal hain uncle honge to hum chill kaise karenge ..nahi yar main nahi aa paounga.. ek ek karke sab frnds ne mana kar diya..Rohan bola ...pata mujhe bhi hain but kya karu..vo man hi nahi rahe ..aisa karta hu koi bahane bana deta hu, hum kabhi aur chalate hain ..sab frnds agree ho gaye.Rohan ka phone speaker par tha..peeche se Rohan ke papa ne sab sun liya ...but vo anjan bane rahe.Rohan papa ke pas aya but uske bolne se pahle hi vo bole ..beta mujhe to office mein urgent kam aa gaya to main to tum log ke sath nahi aa paounga.. next time..tum log jao abhi..Rohan man hi man kush hua...kyunki ab uska programme cancel nahi hoga.
Rohan ke jane ke bad Rohan ke papa ne Rohan ki maa ko chai banane ko kaha to vo boli aapko to urgent kam tha ..kya hua..ja nahi rahe.
Rohan ke papa bole... tum sahi kahti thi shayad bacho mein and parents mein ek barik si rekha honi hi chahiye, tabhi rishto ka samman rahta hain..shayad isko hi so called Generation gap kahte hain ..jo shayad hamesha hi rahega.. Rohan ki mummy ne Rohan ke papa ke kandhe par haath rakha and kaha aap baithe main aapke liye cahi lati hu..we will spent gr8 time ...just chill..and dono tahaka mar kar hasne lage.