Jindagi ek unsuljhi paheli

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Friday, 16 April 2021

चूल्हा चौका

 'क्या करोगी इतना पढ़ लिखकर,लड़की हो संभालना तो चूल्हा चौका ही है ',


ऐसी बातें पुराने जमाने में ही नहीं...अब भी कई जगह सुनने को मिल जाती हैं,फिर भी आज लड़कियां बिना किसी की सुने अपने सपने पूरे करने में लगी है,हर वह चीज कर रही है जो कोई भी इंसान कर सकता है,अपनी सोच को अंजाम दे रही हैं, हर सपना पूरा कर रही हैँ!


आप पेपर में एक घटना पढ़ कर ऐसा लगा कि क्या वास्तव में महिलाओं का काम सच में केवल चूल्हा चौका संभालना ही है! सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई,केस था योग्य महिला वकील को जज क्यों नहीं बनाया गया,पता चला उन वकील महिलाओं ने स्वेच्छा से पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया,इससे बड़ी महानता क्या हो सकती है! सब सोचेंगे हम तो पहले ही कहते थे संभालना तो चुल्हा चौका ही है और इसका उदाहरण ये घटना है! नहीं अगर वह वकील चाहती तो पदभार ग्रहण कर सकती थी पर उन्होंने शिक्षा घर बिखेरने के लिए नहीं, घर सवारने के लिए प्राप्त करी,और इतना पढ़ लिखकर उनकी सोच किस हद तक ऊंची हो गई, वो अच्छे से जानती थी उनके लिए क्या सही है और क्या गलत!इससे उनकी पदवी घटी नहीं बहुत बढ़ गयी!


इससे ही मिलता-जुलता एक वाक्या मुझे याद आया,जो मैंने कभी पढ़ा था, एक बहुत ही ऊंचे पद पर एक महिला ऑफिसर का प्रमोशन हुआ,जब उसका इंटरव्यू हुआ और उससे पूछा आपकी सारी इच्छाएं पूरी हो गई,अभी भी ऐसी कोई इच्छा बची है तो वह बोली,


' मुझे मुझे मेरे घर के लिए एक वाइफ चाहिए,सुनने में अटपटा लगेगा, पर सच में उसको अपने घर के लिए वाइफ चाहिए,क्योंकि उसको पता था उससे अच्छा उसके परिवार को कोई नहीं संभाल सकता, भले वह कितने नौकर चाकर रखे, पर वो निष्ठां कहां से ला पाएंगे!

सच कहा किसी ने महिला होना आसान नहीं होता!

Sunday, 4 April 2021

नो कमैंट्स

 1Msg -Nice dp

No comments,

Msg -nice dp,
Thanku 😍😍😍

2-msg -good morning,
No comments,

Good morning
V. Gm.

क्या अंतर है ऊपर के इन दोनों मैसेजेस में, यही की एक में मैसेज के बदले कमेंट मिला,दूसरे में नहीं!

तो क्या हुआ ऐसा तो अक्सर होता है, दिन में पता नहीं कितनी बार हम सब के साथ, हम सोशल साइट पर रहते हैं,रोज कितनी बार इन चीजों से सब का सामना होता है, कभी हमें कमेंट के बदले कमेंट मिलता है और कभी नहीं! हम भी कई बार कमेंट का रिप्लाई नहीं देते,कोई जरूरी तो नहीं, फिर फर्क भी क्या पड़ता है केवल एक कमेंट से, जरुरी तो नहीं हर मैसेज का रिप्लाई दे!

पर एक बार दोबारा से ऊपर मैसेजेस को देखिए,जहाँ कमेंट के बदले कमेंट मिला, मिलने वाले को अच्छा लगा, संतुष्टि हुई कि आपने उसको रिप्लाई दिया, आपके पास उसके लिए समय हैँ, पर जहां कमेंट के बदले कमेंट नहीं मिला वहां पर ज्यादा फर्क तो नहीं पड़ा पर हां दिल में कुछ खटका,एक हुक सी उठी,क्या हो गया अगर एक कमेंट कर देते तो, ब्लू टिक होने पर भी जवाब नहीं दिया,इग्नोर कर दिया!


आज जब सारे रिश्ते ही सोशल साइट पर निभ रहे हैं तो इन कमैंट्स का बहुत फर्क पड़ता है, कोई कितना भी कहे की हमें फर्क नहीं पड़ता,पर सच कहु तो फर्क सबको पड़ता हैँ!

और  एक बार पर्सनल पर कोई हमें कमेंट नहीं करें तो इतना फर्क नहीं पड़ता, पर सोचिए जहां आजकल ग्रुप बने होते हैं, फैमिली, फ्रेंड्स के ग्रुप, वहां पर कोई एक सदस्य बहुत खुश होकर कोई मैसेज करता है, और जब ग्रुप में सारे मेंबर्स उसे इग्नोर करते हैँ,कोई भी एक सदस्य भी उसे कमेंट नहीं करता तो कमेंट करने वाले को कितना हर्ट होता हैँ, कितनी बेइज्जती लगती हैँ, क्यूंकि वहां काफ़ी सारे सदस्य हैँ!

क्या जाता हैँ एक कमेंट करने में, तुम्हारे एक कमेंट से सामने वाला खुश होगा तो क्या हर्ज हैँ,बशर्ते वह कमेंट केवल दिखावा नहीं दिल से होना चाहिए!

हाँ कभी कभी व्यस्तता की वजह से रिप्लाई नहीं कर पाते पर कभी कभी, वैसे भी एक मैसेज करने में कितनी देर लगती हैँ!


ये मेरे व्यक्तिगत विचार है जरुरी नहीं आप सभी इससे सहमत हैं, पर सहमत हो या असहमत  एक कमेंट तो बनता ही हैँ 🤗🤗🤗