आखिर क्यों ये रीत बनायीं,
अपनी ही बेटी बन जाये परायी!
सोच सोच आँखे भर आयी,
कैसे सह पाऊँगी मैं ये जुदाई!
दिल पे पत्थर भी रखना पड़ेगा,
तुझसे दूर अब रहना पड़ेगा!
पर ये दुआएं हमेशा तेरे साथ हैँ,
दूर ही सही,पर इस दिल के बहुत तू पास हैँ!
आखिर क्यों ये रीत बनायीं,
अपनी ही बेटी बन जाये परायी!
सोच सोच आँखे भर आयी,
कैसे सह पाऊँगी मैं ये जुदाई!
दिल पे पत्थर भी रखना पड़ेगा,
तुझसे दूर अब रहना पड़ेगा!
पर ये दुआएं हमेशा तेरे साथ हैँ,
दूर ही सही,पर इस दिल के बहुत तू पास हैँ!
आज पेपर में एक पिक्चर देखी, विराट कोहली और अनुष्का ने अपनी बेटी के साथ पहली पिक्चर शेयर करी, कितने खुश और संतुष्ट दिख रहे थे दोनों,इससे पहले कई मौके आए होंगे उनके चेहरे पर खुशी के,पर इस हसीं जैसी खूबसूरत हसीं आज तक उनके चेहरे पर नहीं दिखी!
विराट ने एक संदेश में लिखा,'मेरी पूरी दुनिया एक फ्रेम में '
सही कहा उसकी बेटी, उसकी पत्नी और वह... उसके लिए पूरी दुनिया ही तो थे,पर पता नहीं क्यों मुझे लगा क्या इतनी छोटी सी दुनिया है उनकी, तुम्हारे मां-बाप जिनके लिए तुम उनकी दुनिया हो, कम से कम उनको तो अपनी इस दुनिया में शामिल कर लेते,अगर तुम्हारी दुनिया का फ्रेम थोड़ा छोटा है तो उसे थोड़ा.. बस थोड़ा सब बड़ा कर लो !
आखिर क्यों हम हमारी दुनिया छोटी बनाते जा रहे हैं, क्यों सिवाय हम दो हमारे दो या हमारा एक को ही सजाते हैं, उससे आगे सोचते ही नहीं!तुम्हारे मां-बाप के लिए तो तुम पूरा जहान हो, कम से कम उनको तो अपनी दुनिया का हिस्सा बना लो!
आजकल टीवी में जो विज्ञापन आते हैं उसमें भी छोटी सी फैमिली दिखाते हैं,आखिर क्यों हम हमारी दुनिया को इतना संकुचित करते जा रहे हैं, जैसे संयुक्त परिवार टूटकर छोटे होने लगे, वैसे ही हमारी सोच, हमारी दुनिया को भी इतना संकुचित कर दिया, जो हमें हमारी दुनिया समझते हैं, जब हमने उनको अपनी दुनिया से अलग कर दिया तो वो तो ठगे से देखते रह गए!
एक बार सोच कर देखिए अगर सही लगे तो अपने फोटो फ्रेम...मतलब अपनी दुनिया को थोड़ा सा बड़ा कर लो, जिनके लिए दुनिया बड़ी करी, उनकी आंखों की चमक देख तुम्हें अपनी दुनिया शायद और भी खूबसूरत लगने लगेगी!