पुराने से नये का आगमन🙂
हमेशा सब रहते हैं तैयार ...पुराने से नए साल को अपनाने में...
नयी नयी प्रतिज्ञा, नई शुरुआत, बहुत कुछ नया अपनाने में ..
पर मैं.. हमेशा छटपटाती हूं.. जाते हुए साल को समेटने के लिए ,...
समेटना चाहती हूं ... जाते हुए हर साल को.. जो पता है अब कभी वापस नहीं आने वाला ...
कोशिश करती हूं साल के बचे हुए दिनों के हर एक पल को खुल कर जिउँ...
एक-एक पल का आनंद लू...
क्यूंकि पता हैं... अब कभी नहीं जी पाऊँगी इस साल को.. जो गुजरने ही वाला है कुछ ही पलों में😔....
सब उत्साहित हैं नए को पकड़ने में...
मैं खुश हूं पुराने को समेटने में...🙂
जो पता हैं मुझे छोड़कर बस अब जाने ही वाला है....😌
और तभी लगा कि जो अब नया साल आने वाला है....
वह भी 1 साल बाद पुराना होने वाला हैं....
फिर मैं उसको भी समेटने वाली हूँ ..
पर वह भी मेरे हाथ से रेत की तरह फिसलने वाला हैं...
तो क्यों ना जी लू मैं हर एक पल..
क्यूंकि क्या पता..... हम रहे ना रहे कल 😊🤗
हमेशा सब रहते हैं तैयार ...पुराने से नए साल को अपनाने में...
नयी नयी प्रतिज्ञा, नई शुरुआत, बहुत कुछ नया अपनाने में ..
पर मैं.. हमेशा छटपटाती हूं.. जाते हुए साल को समेटने के लिए ,...
समेटना चाहती हूं ... जाते हुए हर साल को.. जो पता है अब कभी वापस नहीं आने वाला ...
कोशिश करती हूं साल के बचे हुए दिनों के हर एक पल को खुल कर जिउँ...
एक-एक पल का आनंद लू...
क्यूंकि पता हैं... अब कभी नहीं जी पाऊँगी इस साल को.. जो गुजरने ही वाला है कुछ ही पलों में😔....
सब उत्साहित हैं नए को पकड़ने में...
मैं खुश हूं पुराने को समेटने में...🙂
जो पता हैं मुझे छोड़कर बस अब जाने ही वाला है....😌
और तभी लगा कि जो अब नया साल आने वाला है....
वह भी 1 साल बाद पुराना होने वाला हैं....
फिर मैं उसको भी समेटने वाली हूँ ..
पर वह भी मेरे हाथ से रेत की तरह फिसलने वाला हैं...
तो क्यों ना जी लू मैं हर एक पल..
क्यूंकि क्या पता..... हम रहे ना रहे कल 😊🤗