Jindagi ek unsuljhi paheli

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Sunday, 29 December 2019

पुराने से नये का आगमन 🙂

पुराने से नये का आगमन🙂

हमेशा सब रहते  हैं तैयार ...पुराने से नए साल को अपनाने में...
 नयी नयी  प्रतिज्ञा,  नई शुरुआत,  बहुत कुछ नया अपनाने में ..
 पर मैं.. हमेशा छटपटाती  हूं.. जाते हुए साल को समेटने के लिए ,...
समेटना चाहती हूं ... जाते हुए हर साल को.. जो पता है अब कभी वापस नहीं आने वाला ...
कोशिश करती हूं साल के बचे हुए  दिनों के हर एक पल को खुल कर जिउँ...
 एक-एक पल का आनंद लू...
 क्यूंकि पता हैं...   अब कभी नहीं जी पाऊँगी इस साल को.. जो गुजरने ही वाला है कुछ ही पलों  में😔....
 सब उत्साहित हैं  नए को पकड़ने में...
मैं खुश हूं पुराने को समेटने  में...🙂
जो पता हैं  मुझे छोड़कर  बस अब जाने ही वाला है....😌
और तभी लगा कि जो अब नया साल आने वाला है....
 वह भी 1 साल बाद  पुराना होने वाला हैं....
 फिर  मैं उसको भी  समेटने वाली हूँ ..
पर वह  भी  मेरे हाथ से रेत की तरह फिसलने वाला हैं...
तो क्यों ना जी लू मैं हर एक पल..
क्यूंकि क्या पता..... हम रहे ना रहे कल 😊🤗

Friday, 27 December 2019

ॐ just ignoray नमः 🙏

ॐ just ignoray नमः 🙏

उसने मेरे लिए ऐसा क्यों कहा .. मैंने उसको बोला पर उसने  मेरी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया... अगर मैं ऐसा करूंगा तो सब क्या कहेंगे...पूरी सोसाइटी में मेरी बात बनेगी... मेरे पास ना कोई ढंग के कपड़े ना ज्वेलरी हैं... किटी में सब मजाक बनाएंगे... उसके लग्जरी गाड़ी है... मेरी देखो खटारा कार.
पूरे टाइम दूसरों की परवाह करना.. दुसरो के हिसाब से जिंदगी जीना... दुसरो के हिसाब से अपने को ढाल  लेना... दूसरे क्या सोच रहे  हैं ये भी खुद ही सोच लेना.
 ऐसा सबके साथ होता है.. कोई भी ऐसा इंसान नहीं  है जो ऐसा नहीं करता... हां कोई कम और कोई ज्यादा... पर एक इंसान भी ऐसा नहीं होगा जो दुसरो की परवाह नहीं करता... ये  तो इंसान की फितरत है .वैसे  भी अगर हम इस  सोसाइटी में रहते है तो थोड़ा  बहुत तो हमें दूसरों के लिए सोचना चाहिए. पर दूसरों के हिसाब से  ही अपनी जिंदगी ढाल लेना... बिल्कुल भी सही नहीं है. ऐसा इंसान केवल इसी डर में जीता है कि दूसरे उसके बारे में क्या सोच रहे हैं.
तो ऐसे  सभी लोगों से मैं कहती हूँ कि दूसरों की परवाह करो... पर इतनी भी नहीं कि वह तुम्हारी जिंदगी चलाने लगे... तुम्हारी जिंदगी के मालिक हो जाए. दुसरो के बारे में  ज्यादा सोचने से तुम अपनी खुशियों को दांव पर लगा दोगे.... ऐसे लोगों से मैं कहती हूं कि खुश रहने का केवल एक ही मंत्र है  ॐ just ignoray नमः... यह मंत्र दिन में जब  मन आए तब जपे... इस मंत्र को जपने के लिए ना आपको नहाने की जरूरत है... ना भगवान के सामने बैठने की जरूरत है... जब तुम्हें लगे कि कोई तुम्हारी बात पर ध्यान नहीं दे रहा.. तुम दूसरे के बारे में ज्यादा सोच रहे हो.. दुसरो की ज्यादा परवाह कर रहे हो तब इस मंत्र को जोर जोर से बोलो... ॐ just ignoray नमः... देखना टेंशन का कोई नाम नहीं होगा.
 तो सब एक बार जोर से बोलो, प्रेम से बोलो ...ॐ just ignoray नमः. 🙏😘😘

Tuesday, 24 December 2019

Merry Christmas 🎅🎅🎂

Merry Christmas 🎅🎅🎂

 दिशा के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था.... कल क्रिसमस हैं और  बच्चों को क्या गिफ्ट दूँ उसको कुछ सूझ  ही नहीं रहा था. बच्चों ने पहले से ही बोल दिया था मम्मी santa से कहना कि कुछ ऐसा गिफ्ट दे  जिसे देखते ही मजा आ जाए.... उन्हें क्या पता था कि santa, vanta कुछ नहीं होता यह तो तुम्हारी मम्मी पापा ही है जो तुमको गिफ्ट लाकर देते हैं और उसे बच्चों की मासूमियत पर हंसी आ गयी.
अचानक वह काम करते-करते अपने बचपन में  चली गई... उस टाइम santa, क्रिसमस का तो इतना क्रेज नहीं होता था वह तो बस मम्मी पापा से कहते थे कि हमें यह चाहिए तो वह कहते थे भगवान से pray करो क्या पता वह तुम्हें दे दे... और हम  सब भाई बहन भगवान से pray करते...और भगवान जी मतलब मम्मी पापा उनकी मांग पूरी कर देते. धीरे-धीरे उसको समझ आने लगा कि भगवान नहीं मम्मी पापा ही हैं जो उनकी डिमांड पूरी करते हैं... पर जान कर भी उसने कभी उन्हें नहीं बताया और मम्मी पापा ने भी उन्हें उसी भ्रम में जीने दिया... कहते हैं ना कभी-कभी कुछ भ्रम.. भ्रम ही रहे तो अच्छे होते हैं..ताकि  हमारे दिल को सुकून मिले... खुशी मिले... वह ना टूटे तो अच्छा ही होता है.

कभी-कभी उसे लगता था कि हम तो हमारी wishes मम्मी पापा से पूरी करवा लेते  हैं पर उनकी इच्छाओं का क्या वह तो बस पूरी जिंदगी हमारी इच्छा पूरी करने में लगा देते हैं... क्या कभी उनको नहीं लगता कि उनके भी कोई  santa हो जो उनकी wishes पूरी करें.
अरे  कहां खो गई.. अचानक दिशा के हस्बैंड ने उसे हिला कर कहा तो उसने अपने हस्बैंड कोअपने मन की बात  बताई... तो वो गहरी सांस लेकर बोले कि हमारे लिए कितनी गर्व की बात  हैं की हम  इस काबिल है कि हम उनके santa बन कर उनकी wishes पूरी कर सके. और हां मेरी santa तो  तुम  हो ....जब  मुझे किसी चीज की जरूरत होती है तुम बिना कहे पूरी कर देती हो... मेरी हर चीज जगह पर...मेरा हर  काम टाइम पर... अपने सुख-दुख बांटने को तुम हो... इससे ज्यादा मुझे क्या चाहिए. तभी दिशा को भी लगा कि उसके हस्बैंड भी तो उसके लिए सैंटा है... जो कोई भी मुसीबत में उसके साथ खड़े रहते हैं.. जरुरत के टाइम उसके पास होते हैं. आज उसको  लगा कि हम सब एक दूसरे के santa हैं जो जरूरत होने पर एक दूसरे की wishes  पूरी करते हैं... तभी उसके हस्बैंड ने कहा कि चलो बच्चों के गिफ्ट लाएं ताकि उन्होंने जो santa  से  मांगा है वह उन्हें दे सके...दिशा के चेहरे पर मीठी सी मुस्कान थी...  वह तैयार होने लगी बच्चों का क्रिसमस अच्छा बनाने के लिए. साथ ही साथ वो ये भी सोच रही थी की हर किसी की जिंदगी में एक santa होना ही चाहिए जिसे वो जरुरत होने पर अपनी विश बता सके.
Merry christmas to olllll🎅🎅🎂 

Sunday, 22 December 2019

दुआएं (Blessings)🙏🙏

दुआएँ (Blessings)🙏🙏
. आज यह शब्द मैं दिल से महसूस कर पा रही हूं,  मैं इसको फील कर पा रही हूं... शायद मैंने जो दुआ मांगी थी वह कुबूल हो गई... मुझे दिल से लग रहा है और ये मेरे साथ एक नहीं कई बार हो चुका.
इसके लिए मैं सबकी बहुत दिल से आभारी हूं.
दुआ एक छोटा सा दो अक्षर का शब्द... जिसकी ताकत का कोई अंदाजा नहीं लगा सकता... कहते हैं ना कि दुआ में बहुत ताकत होती है. हम जब भी किसी मुसीबत में होते हैं या हमें किसी भी चीज के लिए शिद्दत से चाहत होती है..तो हम सबसे यही कहते हैं कि प्लीज मेरे लिए दुआ करो पर क्या किसी से कहने भर से ही वह हमारे लिए दुआ करता है... कभी भी नहीं इसके लिए हमें खुद को इस काबिल बनाना पड़ता है कि कोई हमारे लिए दुआ करें...  नहीं तो किसी को क्या पड़ी कि वह हमारे लिए दुआ करें. कहा भी गया है कि अगर कोई तुमको अपनी दुआ में शामिल कर ले तो तुमसे नसीब वाला कोई नहीं है. शायद आपने सुना ही होगा कि कभी किसी की बद्दुआ नहीं लेनी चाहिए क्योंकि जो कोई भी बददुआ देता है वह बहुत दुखी होकर ऐसा करता है... हमने जरूर कुछ ऐसा काम किया है जिससे  वह दिल से हमारा बुरा  करने को कह रहा है.... इसलिए किसी की दुआ मिले ना मिले पर  बददुआ तो कभी भी नहीं लेनी चाहिए पता नहीं कितना दुखी होकर वह हमें बददुआ  दे रहा होगा.
 पुराने समय में जब कोई साधु महात्मा किसी  से बहुत खुश होता था तो उसको वरदान देता था... बहुत गुस्सा होता था तो श्राप देता था.. यह दुआ,  बददुआ ही होती थी. पर क्या किसी की बददुआ या दुआ यूं ही लग जाती है... नहीं उसके लिए देने वाला भी उतना ही साफ, पवित्र और दिल का सच्चा होना चाहिए तभी वह लगती है और इसलिए ही पहले के साधु महात्मा की दुआ, बददुआ  में इतना असर होता था.
आप सबको याद होगा अमिताभ बच्चन जो कुली पिक्चर की शूटिंग में मौत के मुंह में चले गए थे पर लाखो,  करोड़ों  चाहने वालों की दुआओं से उन्हें वापस से एक नई जिंदगी मिली,  लता मंगेशकर जो कुछ समय पहले अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही थी... लाखों, करोड़ों लोगों की दुआओं से वह सही सलामत वापस आ गई... दिलीप कुमार और भी ना जाने कितने  उदाहरण है जो  लोगों की दुआओं में शामिल है.
आप सोच रहे होंगे ये तो बहुत बड़े सेलिब्रिटी है  इनको तो  करोडो, लाखों लोगों की दुआएं मिलती हैं पर हमें कौन जाता है पर ऐसा नहीं है अगर आप दुआओं के काबिल है तो 1 जने की दुआ भी खाली नहीं जाती तो मैं सब से यही कहती हूँ  किसी की दुआ मिले ना मिले पर किसी की  बददुआ  भूल कर  भी  मत लेना और अगर तुम्हें मौका मिले तो तुम सबको दिल खोलकर दुआ दो देखना  किसी के लिए दिल से अच्छा सोचोगे तो तुमको तो अच्छा लगेगा ही कहीं ना कहीं तुम्हारा भी अच्छा होगा.
मेरी आप सब को  दिल से  दुआ है कि आप स्वस्थ रहें, मस्त रहें  और भगवान आपकी सहनशक्ति भी बढ़ाये ताकि आप मेरे सारे ब्लॉग्स  ऐसे ही सह सको.😀🤣
वंस अगेन thankgod🙏.. थैंक्स टू ऑल🙏

Wednesday, 18 December 2019

माँ 👩‍👧‍👦

माँ👩‍👧‍👦
 जैसा कि मैं अपने दो ब्लॉग्स में बता ही चुकी  हूँ कि मम्मी ठीक नहीं है...आजकल मैं मम्मी के पास आल्टेरनेट डेज उनकी केयर करने के लिए जाती हूं.
कहते हैं ना बीमारी में आदमी बच्चा बन जाता है... मम्मी भी ठीक वैसे ही हो गई हैं.. उनकी केयर एक बच्चे की जैसे करनी पड़ती है... मैंने मम्मी का ऐसा रूप कभी देखा नहीं था. उनको खाना खिलाने में बहुत मुश्किल होती है तो मैं उनको कहती हूं आप जितना खाओगी मैं उतना ही खाऊँगी...  अगर आपने आधी रोटी खाई तो मैं भी आधी रोटी ही खाऊंगी   तो एकदम से वह बोली... इसकी रोटी थोड़ी मोटी बनाना.... थी तो एकदम साधारण बात पर मेरे दिल को अंदर तक छू गई... ऐसी बात एक माँ ही कह सकती है... बीमारी में भी उसको अपने बच्चे का ध्यान है.
हमने एक कहानी भी सुनी है.. एक महात्मा ने गुस्से में अपनी मां को पत्थर बना दिया.. जब वह गुस्से में जा रहा था तो उसी पत्थर से उसे ठोकर लग गई तो पत्थर से आवाज आई बेटा कहीं लगी तो नहीं.. माँ  को यह दुख नहीं था की मेरे बेटे ने  मुझे  पत्थर बना दिया... उसे उसे तो यह दुख था कि बेटे के कहीं लगी तो नहीं.
यह तो कुछ उदाहरण है... ऐसे पता नहीं कितने किस्से,  कहानियां,  हकीकत है जो माँ  से जुडी हैं. मुझे नहीं लगता इस दुनिया में माँ से बड़ा कोई शुभचिंतक अपने बच्चों का कोई होता है... तो इसलिए सभी से कहती हूं कि रेस्पेक्ट योर माँ🙏 , लव योर माँ,  स्पेंड योर टाइम विथ योर  माँ . ऐसा ना हो कि जब वक्त निकल जाये तो लगे काश  थोड़ा और टाइम देते, थोड़ा मीठा बोल लेते, उनसे थोड़ा और प्यार से बात करते.

Wednesday, 11 December 2019

लंच बॉक्स 🍔🍟

लंच बॉक्स 🍟🍔
मम्मी हॉस्पिटल में एडमिट थी.... मैं उनके पास जा रही थी. मेरे पास दो-तीन लंचबॉक्स थे.... किसी में सूप,  किसी में खिचड़ी,  किसी में उनकी जरूरत के अकॉर्डिंग खाना. सामने गाड़ी में भी दो-तीन लंचबॉक्स दिखे... देखकर पता नहीं क्यों एक अजीब सा ख्याल आया... थे तो वह महज़ लंच बॉक्स पर उन लंच बॉक्स में खाने के साथ भरी  थी ढेर सारी फीलिंग्स.. मै जो खाना मम्मी के लिए ले जा रही थी  वो  उनकी हेल्थ के अकॉर्डिंग  था उसमे केवल  खाना नहीं... उनकी परवाह.. उनकी हेल्थ  को ध्यान में रख कर खाना था... सामने गाड़ी में जो लंच बॉक्स थे  उसमे भी खाने वाले की पसंद.. उसकी हेल्थ  के अकॉर्डिंग खाना होगा.
हम जब भी घर से निकलते हैं तो पीछे से आवाज आती है.... टिफिन लिया... खाना खा लेना और हम भी पूछते हैं कि टिफिन में क्या रखा है. लंच के टाइम घर से जरूर फोन आता है... खाना खाया और कभी  नहीं भी आता तो हम फ़ोन करके  पूछते हैं... खाने में क्या रखा है... यह होती है परवाह,  एक अधिकार.
सुबह-सुबह माँ अपने बच्चे का टिफिन नहीं तैयार करती... उसमें भरी होती है उसकी भावनाएं... बच्चे की हेल्थ का ध्यान... उसको अपने से इतनी देर तक दूर रखेगी तो खाने से  ही वो उसके पास रहेगी. वो लंच बॉक्स में रखती हैं अपनी  उसके लिए चिंता,  उसकी  परवाह... और भी बहुत कुछ होता है.👩‍👧‍👦
 एक पत्नी अपने पति के लिए खाना  नहीं रखती है... रखती हैं बहुत सारा प्यार.😍. एक बहन अपने भाई के लिए लंच बॉक्स के साथ रखती हैं अपना हक़  और उसी हक से कहती है खाना नहीं खाया तो देख लेना और भाई भी कहता है तेरे हाथ का बेस्वाद  खाना फिर झेलना पड़ेगा पर वह झेलता नहीं उसे स्वाद से खाता है.😊
 तो इस लंचबॉक्स को महज एक लंचबॉक्स मत समझो यह है आपकी अपनों की आपके लिए परवाह,  चिंता, हक, अपनापन और ढेर सारा प्यार. इसकी रिस्पेक्ट करना सीखो क्योंकि देने वालों ने केवल खाना नहीं दिया अपनी बहुत सारी फीलिंग्स  रखी है.
अगर तुम कभी खाना नहीं खाते तो खाना तो बेकार हुआ ही साथ ही हर्ट हुई रखने  वाले की फीलिंग्स... तो आज से रेस्पेक्ट योर लंच बॉक्स 🙏

Sunday, 1 December 2019

Jaan hain to jahan hain

Jaan hain to jahan  hain

Is time mein hospital mein baithi hu ..meri mummy admit hain..I.C.U.mein...she is not in her sense...unko aise dekh kar dil kitna ro raha hain...can't express...ek maa jinko hamesha hosh mein dekha...apne bacho ki parwah karte  dekha ..aaj unko apne bacho ka jane do... khud ka hi hosh nahi hain...ek bat dekhi hum puri jindagi bhagte hain paise kamane.... Aisho aram ki cheej jutane..apni masti mein rahna ..dusro ki parwah karna ...samaj ki parwah karna..jo vakt ane par pata nahi tumhara sath bhi denge ya nahi ...par jo tumhara sath dega..tumhara sharir.. usko sabse end mein rakh dena...kaha ki samjhdari hain.
Yaha aa kar pata chala health hain to sab kuch hain...nahi to kitna kama lo... jub sharir hi sath nahi dega to un cheejo  ko kaha se bhogoge.
Meri Sabhi se request hain...🙏🙏🙏🙏...pls sab ki chod kar apni parwah sabse pahle karo ..tum healthy rahoge tabhi to dusro ka dhyan rakh paoge ..isliye agar tumhe apne logo ki parwah hain to pahle khud ki karna seekho...tabhi tum sab ka dhyan rakh paoge.
Isliye aaj se...nahi abhi se promise karo apne aap se ki apni parwa sabse pahle karo ...specially women...jo hamesha apne aap ko sabse  bad mein dekhti hain.
Health hain to sab kuch hain varna to bus machines ke sahare hi rah jaoge.