उस दिन सुबह से बारिश का मौसम था I चारवी का कॉलेज जाने का मन नहीं था, पर जरूरी प्रोजेक्ट जमा कराने की आज आखिरी तारीख थी I उसने सोचा फटाफट फ़ाइल जमा कराकर घर आ जाऊंगी I पर जैसे ही फाइल जमा करा वह बस स्टॉप के नजदीक पहुंची I रिमझिम बारिश चालू हो गई I चारवी तेज कदमों से बस स्टॉप की ओर बढ़ गयी,वह बिल्कुल भीगना नहीं चाहती थी, क्योंकि भीगे कपड़ों में बस के अंदर चढ़ना, और लोगों की गंदी नजर... उफ्फ I
बस स्टॉप पर देखा तो चार-पांच कॉलेज के लड़के शेड के नीचे पहले से खड़े थे I चारवी परेशान थी, ना तो वह बारिश में भीगना चाहती थी, ना अकेली उन लड़कों के साथ खड़ा होना चाहती थी I वह परेशान सी इधर-उधर देख ही रही,तभी एक कुत्ता जबरदस्ती उसका कुरता मुँह में पकड़ उसे शेड के नीचे ले आया I एक बार तो चारवी को उस पर गुस्सा भी आया, पर वो कुत्ता चारवी और उन लड़को के बीच खड़ा हो गया I वो लड़के चारवी को देख भद्दे कमेंट कर रहे, गाने गा रहे I चारवी असहज हो रही तो कुत्ता उन लड़को पर जोर जोर से भौंकने लगा I जब तक चारवी की बस नहीं आ गई वह कुत्ता मानो चारवी और उन लड़कों के बीच चारवी का रक्षक बनकर खड़ा था I जैसे ही चारवी की बस आ गई और वो उसमे बैठी, वो कुत्ता भी वहां से हट गया I
चारवी ने बस की खिड़की में से उसे बिस्किट दिए जिन्हें वह जल्दी-जल्दी खाने लगा I चारवी के चेहरे पर मुस्कान दौड़ गई I वह हमेशा अपने बैग में बिस्किट रखती थी और इस कुत्ते को कॉलेज आते जाते खाने को देती थी Iउसको लगा मानो आज कुत्ते ने अपना फर्ज अदा कर दिया I चारवी खिड़की से बाहर बरसती बूंदों को देखकर सोच रही, 'सच इंसानों से वफादार तो यह कुत्ते ही होते हैँ