जब से समाचार आया है कि नई गाइडलाइंस आई है जिसमें हर स्टूडेंट्स को अल्टरनेट डेज बुलाएंगे, 6 फीट की दूरी पर बच्चों को बैठना होगा, वह आपस में टिफ़िन शेयर नहीं कर पाएंगे, मतलब बच्चे क्या स्कूल केवल पढ़ने के लिए जाते थे, नहीं... वह स्कूल जाते थे अपने दोस्तों से मिलने, उनसे अपनी बातें करने, अपना दिल हल्का करने, दूसरे का टिफिन खाने या चुराने, एक दूसरे की टांग खींचने !
स्कूल में तो बच्चों की खिलखिलाहट और शैतानियां गूंजती रहती थी !
अब वो स्कूल की इमारत शक की, डर की इमारत बन जाएगी, जहाँ जाने से बच्चे और माँ बाप सब घबराएंगे!
बच्चे एक दूसरे से कतराएंगे, आपस में दूरी बनाएंगे, अपनी बात शेयर नहीं कर पाएंगे !
बच्चों के मानसिक विकास पर कितना असर पड़ेगा! जिन दोस्तों से मिलने को स्कूल जाते थे अब उनसे ही उनको दूरी बनानी पड़ेगी !
सोच कर ही सिहरन और दुख हो रहा है, हमारे बच्चे क्या हमारे गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं, और अभी भी हम नहीं सम्भले तो पता नहीं उनको क्या-क्या भुगतना पड़ेगा !