Jindagi ek unsuljhi paheli

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Sunday, 26 January 2020

आखिर मेरा कुसूर ही क्या था 🤔😔

आखिर मेरा कुसूर ही क्या था 🤔😔

एक मां बाप ने अपने बच्चे  को घर से इसलिए निकाल दिया क्योंकि उसमें संस्कार नहीं थे..🙄. एक ने इसलिए  निकाल दिया कि बच्चे का रंग सांवला था और रिश्तेदार ताना देते थे.... और किसी ने इसलिए निकाल दिया  कि बच्चे का मन नहीं लगता था
आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे हो सकता है.... मैंने भी जब न्यूज़पेपर में यह न्यूज़ पड़ी तो बहुत ही सरप्राइज़ हुई की कोई मां बाप इतनी छोटी सी बात पर  कैसे अपने बच्चे को घर से निकाल देंगे.
Unbelievable... पर  ऐसा ही हुआ... बस फर्क सिर्फ इतना सा है कि वह बच्चे उनके सगे नहीं... गोद लिए हुए बच्चे थे.... तो... तो क्या हुआ... आखिर गोद लिए बच्चे क्या उनके अपने नहीं थे... जब उनको जरूरत थी अपनी जिंदगी का सूनापन दूर करने के लिए...अपने जीवन में खुशियां भरने के लिए... अपनी जिंदगी की कमी पूरी करने के लिए... तब उनको गोद ले लिया और अब उनको इतनी छोटी सी बात पर घर से निकाल  दिया.. मानो वो कोई बच्चे नहीं... कोई सामान हो... जिनको जरूरत ना होने पर बाहर फेंक दिया.
 अरे बच्चे में संस्कार नहीं थे तो उसे समझाते... प्यार से सिखाते... और हंसी आती है कि बच्चे का रंग सांवला था तो उसे बाहर निकाल दिया.. अरे उन रिश्तेदारों के तानो की परवाह कर  रहे हो.. वो तो तब भी ताने दे रहे होंगे जब तुमने बच्चा गोद लिया होगा...  तब तुम ने उनकी परवाह नहीं करी.... क्यूंकि तब तुम्हें अपनी खुशियों की परवाह थी... और हां किसी ने इसलिए  निकाल दिया कि बच्चे का मन नहीं लगता था... अरे कोशिश तो करते उसका मन लगाने की... अगर तुम उसको मन से नहीं अपनाओगे  तो उसका मन कहां से लगेगा... पहल तो तुमको ही करनी होगी.
 एक बार अपने दिल पर हाथ रख कर बताओ ... क्या तुम अपने खुद के बच्चे को भी ऐसे ही घर से निकाल देते... कभी नहीं...अरे  वह तो तुम्हारे सर पर खड़ा होकर भी नाचता  तो भी तुम उसको नहीं निकालते.
अरे भगवान ने तो  इन बच्चों को अनाथ बना कर पहले ही अन्याय किया है...वो  कैसे भी करके अपनी जिंदगी से समझौता करके चल रहे थे... तुमने  इनको अपना कर फिर   फेंक दिया.... तुमने तो इनको कहीं का नहीं रहने दिया... अब कैसे ये  वापस अपनी पुरानी दुनिया में जा पाएंगे.
 यह बच्चे और भगवान क्या तुम्हें कभी माफ कर पाएंगे.....अरे उनकी तो जाने दो.... क्या तुम्हारा जमीर वह तुम्हे कभी माफ कर पाएगा.... अरे पर  मैं भी क्या बोल रही हूं.... जो लोग इतना घिनौना काम कर सकते  हैं.... उनका क्या कोई जमीर होता भी होगा... कभी नहीं.
 ये  बच्चे जिंदगी भर समाज से यही सवाल पूछेंगे... आखिर हमको अपनाया ही क्यों  और फिर अपना कर फेंका ही क्यों...  आखिर इसमें हमारा क्या दोष  था. 😔😔

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