Jindagi ek unsuljhi paheli

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Sunday, 26 January 2020

एक लड़की के मन की व्यथा (दर्द )👩🙇‍♀️

एक लड़की के मन की व्यथा (दर्द )🙇‍♀️👩
मां-बाप का घर
 तुम तो पराया धन हो
आज या कल तुम्हें तुम्हारे घर जाना ही है...
 ससुराल
 ये  तो पराए घर से आयी हैं ये क्या इस घर को अपना समझेगी ....
लड़की
एक कोने में आंखों में आंसू और मन में ढेरों सवाल🤔
मेरा घर कौन सा है...
 मैं किस घर को अपना समझ कर
 अपना घोंसला बनाऊं...🏘🏡
 एक ऐसा घोंसला जहां कोई मुझे पराया नहीं कह सके. 😌

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