मेरी अम्मा 🤶
अम्मा, दादी, मां... कितना मीठा शब्द है....और शब्द जितना मीठा है उससे भी मीठी होती हैं अम्मा😌.... आज सुबह-सुबह मैं घर के सामने शॉप पर ब्रेड लेने गई तो कोई अलाव जला कर हाथ ताप रहा था..🔥🔥. देखते से ही मैं मेरी अम्मा की यादों में खो गई... वह भी इसी तरह सर्दी में हाथ तापती रहती थी. पहले के समय में आज की तरह हीटर तो होते नहीं थे... तो मेरी अम्मा अपनी सर्दी मिटाने को अलाव का ही सहारा लेती थी... मटके को ऊपर से तोड़कर उसमें लकड़ी डाल के आग लगा कर हाथ तापने बैठ जाती थी... जानते हैं आप.... ऐसा कर वह अपनी सर्दी तो भगाती थी इसके पीछे एक secret भी था... इस बहाने वह हम सब को अपने पास बुला लेती थी... ऐसे तो हम कहां बैठने वाले थे उनके पास... उनके लाख बुलाने पर भी नहीं जाते थे पर जैसे ही वो हाथ तापने बैठती हम भी उनके पास आ जाते थे... अब उस टाइम हम लोगों के ऊपर इतना प्रेशर तो होता नहीं था... पढ़ाई का, मोबाइल का और ना ही टीवी का ... तो हम भी थोड़ा टाइम पास कर लेते थे .. अभी बैठे हैं तो केवल हाथ ही थोड़ी ना तापने थे तो शुरू हो जाता अपने किस्से कहानियां... दिनभर सब ने क्या किया, क्या हुआ... सब शुरू हो जाते... अम्मा मेरी बहरी थी.. उन्हें सुनाई नहीं देता पर हमारे हावभाव से वह सब समझ जाती थी और वह भी शुरू हो जाती थी अपनी कहानियां सुनाने... हमारे टाइम में तो एक पैसे का सेर घी मिलता था... अरे हम भी पढ़े होते तो तुम्हारे जैसे पटर पटर बोलते... और पता नहीं क्या क्या.
अब हम खाली हाथ ही नहीं तापते... कोई अपने पैर तापने लगता तो अम्मा गुस्सा होती जो भी पैर तापेगा वो रात में बिस्तर गीला करेगा😅😅... अब पता नहीं इसके पीछे अम्मा का क्या लॉजिक छिपा था पर सच बताऊ हम डर जाते थे और पैर नहीं तापते थे🙈 ... हमारी मम्मी उस जलते अलाव में ही भरते वाले बैंगन और अपनी शकरकंदी भी सेक लेती थी... पता नहीं उस अलाव से एक ठंड ही नहीं जाती थी और पता नहीं कितने ही काम हो जाते थे.
हमारी अम्मा... अब अम्मा है तो ज्ञान का तो खजाना है और उनकी कई बातें आज भी मुझे याद है... जब भी कड़ी बनाती तो याद आती है... छोरी कड़ी में 101 उबाल नहीं आए तो कड़ी नहीं बनती... इसलिए मैं भी कड़ी को उबालती रहती हूं... जैसे ही कभी जल्दी बंद करने की सोचती भी हूँ तो उनकी 101 की सीख याद आ जाती...रोटी बेलते टाइम मैं पलोथन (सूखा आटा )थोड़ा ज्यादा लगाती तो गुस्सा करती... ससुराल में सास से डांट खायेगी और अब मैं जब कभी ज्यादा पलोथन लगाती तो उनकी याद आती हैं... मम्मी की डांट और मार से बचना हो तो हम सब भागकर अम्मा के पास चले जाते.
मेरे बेटे का जन्म हुआ तो जैसे वो खुशी से पागल हो गई... मैं नहाने जाती तो गुस्सा करती इतनी देर तक नहाती हैं.. बच्चे को अकेला छोड़ दिया और खुद उसके पास जाकर बैठ जाती... उसको ठीक से तैयार नहीं करने देती... नजर लग जाएगी..अगर वो हसता तो कहती किसी के सामने हसे तो चुपके से नोच दिया कर नहीं तो नजर लग जाएगी.😀.और पता नहीं कौन कौन से उनके लॉजिक थे जो हमारी तो समझ से परे थे . 🤔
हमारी अम्मा 90 से ऊपर की थी पर दांत बिल्कुल सही सलामत... क्योंकि रात को दूध पीने के बाद भी आधे घंटे तक कुल्ला नहीं करती थी और बैठी रहती थी.. हम कहते अम्मा सो जाओ कि नहीं अभी कुल्ला करके आऊंगी नहीं तो दांत खराब हो जाएंगे... किसी के सामने खाना नहीं खाती थी कि नजर लग जाएगी.
पता नहीं ऐसी कितने अनगिनत बातें हैं अम्मा की... जितनी उनकी उम्र थी उससे ज्यादा उनकी बातें थी.
आज वह मेरे साथ नहीं है पर उनकी यादें और बातें आज भी मेरे साथ हैं. वैसे एक बात है पहले की अम्मा ज्यादा किस्मत वाली होती थी कि उनके पोते पोतियों के पास टाइम होता था उनकी कहानियां सुनने के लिए... आजकल के पोते पोतियों के पास में ना टाइम है और आजकल की अम्मा.... उनके पास में कौन सा टाइम है😉....वह भी तो अपने मोबाइल और टीवी में बिजी रहती हैं तो किस्मत वाले अम्मा के साथ-साथ पहले के पोते पोती भी थे. 😅😅
तो ये तो मेरी अम्मा के किस्से थे... आप सब के पास में भी तो अपनी अम्मा के किस्से छुपे होंगे..प्लीज कमेंट बॉक्स में उनका कोई भी एक किस्सा शेयर करिये.... क्यूंकि ये महज़ किस्से नहीं उनके ज्ञान का खजाना है जो हम सब के काम आ सकता है.
तो एक बार हम सबकी अम्मा के लिए 👏👏👏👏🤗🤗😘😘😘😘
अम्मा, दादी, मां... कितना मीठा शब्द है....और शब्द जितना मीठा है उससे भी मीठी होती हैं अम्मा😌.... आज सुबह-सुबह मैं घर के सामने शॉप पर ब्रेड लेने गई तो कोई अलाव जला कर हाथ ताप रहा था..🔥🔥. देखते से ही मैं मेरी अम्मा की यादों में खो गई... वह भी इसी तरह सर्दी में हाथ तापती रहती थी. पहले के समय में आज की तरह हीटर तो होते नहीं थे... तो मेरी अम्मा अपनी सर्दी मिटाने को अलाव का ही सहारा लेती थी... मटके को ऊपर से तोड़कर उसमें लकड़ी डाल के आग लगा कर हाथ तापने बैठ जाती थी... जानते हैं आप.... ऐसा कर वह अपनी सर्दी तो भगाती थी इसके पीछे एक secret भी था... इस बहाने वह हम सब को अपने पास बुला लेती थी... ऐसे तो हम कहां बैठने वाले थे उनके पास... उनके लाख बुलाने पर भी नहीं जाते थे पर जैसे ही वो हाथ तापने बैठती हम भी उनके पास आ जाते थे... अब उस टाइम हम लोगों के ऊपर इतना प्रेशर तो होता नहीं था... पढ़ाई का, मोबाइल का और ना ही टीवी का ... तो हम भी थोड़ा टाइम पास कर लेते थे .. अभी बैठे हैं तो केवल हाथ ही थोड़ी ना तापने थे तो शुरू हो जाता अपने किस्से कहानियां... दिनभर सब ने क्या किया, क्या हुआ... सब शुरू हो जाते... अम्मा मेरी बहरी थी.. उन्हें सुनाई नहीं देता पर हमारे हावभाव से वह सब समझ जाती थी और वह भी शुरू हो जाती थी अपनी कहानियां सुनाने... हमारे टाइम में तो एक पैसे का सेर घी मिलता था... अरे हम भी पढ़े होते तो तुम्हारे जैसे पटर पटर बोलते... और पता नहीं क्या क्या.
अब हम खाली हाथ ही नहीं तापते... कोई अपने पैर तापने लगता तो अम्मा गुस्सा होती जो भी पैर तापेगा वो रात में बिस्तर गीला करेगा😅😅... अब पता नहीं इसके पीछे अम्मा का क्या लॉजिक छिपा था पर सच बताऊ हम डर जाते थे और पैर नहीं तापते थे🙈 ... हमारी मम्मी उस जलते अलाव में ही भरते वाले बैंगन और अपनी शकरकंदी भी सेक लेती थी... पता नहीं उस अलाव से एक ठंड ही नहीं जाती थी और पता नहीं कितने ही काम हो जाते थे.
हमारी अम्मा... अब अम्मा है तो ज्ञान का तो खजाना है और उनकी कई बातें आज भी मुझे याद है... जब भी कड़ी बनाती तो याद आती है... छोरी कड़ी में 101 उबाल नहीं आए तो कड़ी नहीं बनती... इसलिए मैं भी कड़ी को उबालती रहती हूं... जैसे ही कभी जल्दी बंद करने की सोचती भी हूँ तो उनकी 101 की सीख याद आ जाती...रोटी बेलते टाइम मैं पलोथन (सूखा आटा )थोड़ा ज्यादा लगाती तो गुस्सा करती... ससुराल में सास से डांट खायेगी और अब मैं जब कभी ज्यादा पलोथन लगाती तो उनकी याद आती हैं... मम्मी की डांट और मार से बचना हो तो हम सब भागकर अम्मा के पास चले जाते.
मेरे बेटे का जन्म हुआ तो जैसे वो खुशी से पागल हो गई... मैं नहाने जाती तो गुस्सा करती इतनी देर तक नहाती हैं.. बच्चे को अकेला छोड़ दिया और खुद उसके पास जाकर बैठ जाती... उसको ठीक से तैयार नहीं करने देती... नजर लग जाएगी..अगर वो हसता तो कहती किसी के सामने हसे तो चुपके से नोच दिया कर नहीं तो नजर लग जाएगी.😀.और पता नहीं कौन कौन से उनके लॉजिक थे जो हमारी तो समझ से परे थे . 🤔
हमारी अम्मा 90 से ऊपर की थी पर दांत बिल्कुल सही सलामत... क्योंकि रात को दूध पीने के बाद भी आधे घंटे तक कुल्ला नहीं करती थी और बैठी रहती थी.. हम कहते अम्मा सो जाओ कि नहीं अभी कुल्ला करके आऊंगी नहीं तो दांत खराब हो जाएंगे... किसी के सामने खाना नहीं खाती थी कि नजर लग जाएगी.
पता नहीं ऐसी कितने अनगिनत बातें हैं अम्मा की... जितनी उनकी उम्र थी उससे ज्यादा उनकी बातें थी.
आज वह मेरे साथ नहीं है पर उनकी यादें और बातें आज भी मेरे साथ हैं. वैसे एक बात है पहले की अम्मा ज्यादा किस्मत वाली होती थी कि उनके पोते पोतियों के पास टाइम होता था उनकी कहानियां सुनने के लिए... आजकल के पोते पोतियों के पास में ना टाइम है और आजकल की अम्मा.... उनके पास में कौन सा टाइम है😉....वह भी तो अपने मोबाइल और टीवी में बिजी रहती हैं तो किस्मत वाले अम्मा के साथ-साथ पहले के पोते पोती भी थे. 😅😅
तो ये तो मेरी अम्मा के किस्से थे... आप सब के पास में भी तो अपनी अम्मा के किस्से छुपे होंगे..प्लीज कमेंट बॉक्स में उनका कोई भी एक किस्सा शेयर करिये.... क्यूंकि ये महज़ किस्से नहीं उनके ज्ञान का खजाना है जो हम सब के काम आ सकता है.
तो एक बार हम सबकी अम्मा के लिए 👏👏👏👏🤗🤗😘😘😘😘
Amazing...����
ReplyDeleteThanku 🤗🤗
Delete😊😊😊
ReplyDeleteWah Di aaj to blog padhke apni purani yaadoon me hi kho gaye. Amma ke sath kitni achchi yaadeen yaad dila di. Really amma ko bahut miss karte hai.
Aapne un yaadoon ko kitne sundar tareeke se shabdo me piroya hai..
Aaj ka blog sabse achcha wala hai..
😊😊😊😊😊👏👏👏
Really sonu best memories forever🤗🤗👍...thanks a lot🙏🙏😘😘
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteUnka prashad wala part mention karna bhool gyi aap... hahhh vaise bhi mujhe yaad h coz Mujhe deti thi😎...
ReplyDelete😀😘👍really beta...so precious memory
Deleteअम्मा से जुडी सारी यादें ताजा करा दी
ReplyDelete🤗👍such mein
ReplyDeleteVery beautiful blog bhabhi...
ReplyDeleteThanku soooo much shikha😌🙏
ReplyDeleteआज तक की सब से अच्छी story ha Risa
ReplyDeleteThanku🙏🙏🤗🤗
ReplyDeleteदी आज तो आपने पुरानी यादें ताजा करा दी आप की कहानी पढ़कर दादी की यादें ताजा हो गई धन्यवाद दीदी
ReplyDeleteThanku so much bhabhi...and it's my pleasure🙏🙏😌again thnx
ReplyDeleteWow risha u remind me old memories of my sweet 💓 dadi really missing my dadi, really dadi's pyar has no limit..it's amazing blog you wrote very touchy.
ReplyDeleteReally dear dadis love is amazing..and how can I forget your dadis love..afterall she was my nani also🙂🙂....anyways thanks a lot dear🙏🤗😘
ReplyDeleteMe bhi 1 din aamma ke pas bethi kisi se baat kr rhi thi to amma gusse me boli...kr lo meri burai ..me bhut dr gai thi..fir pta chala ki wo sunti km thi..hr kisi ka baat krna unko khudi burai lagta tha..pr unki ye baat mujhe aaj bhi yaad h...superb di..amma ki yaad dila di
ReplyDelete🙂thanku ritu🙏🙏
ReplyDeleteAmma...Meri Amma...
ReplyDeleteDil ko chhoo lene wala article hai yeh..Sabhi logon ke apni apni amma ke sath baut pyari yaadein rahi hongi aur un sunahari yaadon ko fir se taaza kar diya toone..
Mujhe yaad hia ki jab main studies ke liye Kota aur job ke liye Gurgaon ja raha tha to amma ko bilkul achcha nahin laga tha..woh bolti thi ki apne yahan kya kami hai jo too bahar ja raha tha..woh mere mummy-papa ko bhi bolti thi ki tum chhore se pyaar nahin karte jo usey itna door bhej rahe ho..
This is again among your best articles...I know its just beginning and lot more to come..keep writing the good stuff..thoroughly enjoying...
Such mein naveen mujhe bhi sab yad aa gaya..jub tu bahar gaya ..amma kitna dukhi hui thi..such mein vo yaadein hum sab ke liye bahaut keemti hain...thanks a lot for your motivational support..it gives me strength to write more good stuff which can give smile on everyone's face🙂🙂🙏🙏
ReplyDelete❤️❤️❤️❤️
ReplyDelete😘😘💓💓💓
ReplyDeletepagla ka kaai sing uge hai wo to tere mera jaise hi hove hai.mai jab raat ko doodh lekar jati to wo khana khane ke baad bidi peeti to mujhe kahti le tu bhi pee le to mai usne kahti lao de do to pyar jhidka deti.fir bolti khano hajam kon hoy
ReplyDeletejliye peeuuu hu kitni yaade h
😀😀such main bhabhi mujhe bhi yad hain sab kuch..kitni pyari yaadein hain unki unforgettable..really amazing🤗🤗
ReplyDeletedil khush kar diya Risha didi
ReplyDeletemaine bahut waqt bitaya h unke sath.sir se palla gir jata to kahti ughad chhachhra ghume hai sharam koni aave to dar lgta tha.
Mujhe malum hain bhabhi aapne bhi bahaut time spend kiya hain unke sath🙂..thanku so much🙏
Deleteaj ye sab yaad ksrke hasi aati h very nice
ReplyDeleteHasi bhi ati hain aur chehre par meetha muskan bhi🤗🤗
ReplyDeleteAnd aap sab ke chehre par meethi muskan aye to ye hi mere liye sabse bada reward hain🙏🙂
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