कल आज और कल👵👴👩👨👩💼👨💼
20 से 25 साल पहले पेरेंट्स और बच्चे...
बेटा... बोला ना आज खाने में आलू की सव्जी और पराठे है.... मम्मी मुझे नहीं खाना... कुछ और बनाओ ...देख बेटा खाना तो यही है... खाना है तो खा नहीं तो हवा खा... कल ही तो पकोड़ी बनायीं थी.... मम्मी आज टिफ़िन में क्या है... अचार और परांठा... कल ही तो सब्जी रखी थी... रोज-रोज के नाटक मत किया करो... मैं भी इंसान हूं... मम्मी मैं स्कूल से आ गया.. ठीक है रसोई में खाना रखा है लगा लो... मम्मी मैं क्रिकेट खेलने जा रहा हूँ ... . आने दो पापा को तुम्हारी शिकायत नहीं करी तो... पढ़ाई को तो आग लगा रखी हैँ तुम लोग ने .... तुम्हारी बहन को देखो... सुबह से अपनी सहेलियों के साथ घर -घर खेल रही हैं...दिन भर धुप में डोलते रहो.... हां आप तो हर बात पापा को बोला करो.. . जुबान चलाता हैं... शर्म नहीं आती... चला लो जुबान जब तुम पेरेंट्स बनोगे तब पता चलेगा.
आज वही बच्चे जो अब पेरेंट्स बन गए...
दिन भर मोबाइल या टीवी... कुछ और काम है... पढ़ाई तो होती नहीं तुमसे... इस मोबाइल ने तो बर्बाद कर दिया... मम्मी आज खाने में फिर वो ही डोसा, पावभाजी.... मुझे नहीं खाना मैं pizzaऑर्डर कर रहा हूं... करके देख... खाना कौन खाएगा..वेस्ट नहीं होगा... पैसे का तो दर्द ही नहीं है तुम लोग को....
पापा आज मैं लेट आऊंगा...फ्रेंड्स के साथ मूवी देखने जाऊँगा फिर डिनर...नो बेटा... टाइम खराब है.... टाइम से घर आ जाना... पापा आप लोग ही मना करते हो... मेरे फ्रेंड्स के मम्मी पापा तो नहीं करते... हर चीज आप से पूछ कर करो... कुछ फ्रीडम तो हैं ही नहीं... वी वांट स्पेस... कह लो बेटा जब पेरेंट्स बनोगे तब पता चलेगा.
आज से 10 से 15 साल बाद जब ये ही बच्चे पेरेंट्स बनेंगे....
बेटा खाने में कैप्सूल खाया और अपना ऑक्सीजन मास्क तो लगाओ..बाहर बहुत पॉलुशन है ... मन नहीं है मम्मी... और ये क्या tab और गैजेट्स फैला रखे हैं.. तुम लोग की कॉपी किताबें नहीं होती क्या पढ़ने के लिए... अरे मम्मी जस्ट चिल...we are new generation... हम इसी पर पढ़ाई करते हैं... आपके जैसे पेन पेंसिल से नहीं... मम्मी मैं गेम ज़ोन जाऊंगा... दो-तीन घंटे लग जाएंगे... खाना भी वही खाऊंगा... बेटा थोड़ा तो हेल्थ का ध्यान रखो... बिलकुल नहीं सुनते.... .मम्मी मुझे पता हैँ मुझे कैसे रहना हैँ.. मैं पागल नहीं हूँ... कैसे बदतमीज बच्चे हो... जब तुम पेरेंट्स बनोगे तब पता चलेगा.
क्या हुआ किस सोच में पड़ गये🤔🤔 ... पड़ा कुछ फर्क पेरेंट्स और बच्चों के रिलेशन में🤷♀️🤷♀️ ... नहीं ना... जमाना कोई भी हो.... पेरेंट्स और बच्चों का रिश्ता ऐसा ही रहेगा ... पेरेंट्स समझते हैं की बच्चे उनकी सुनते नहीं.. परवाह नहीं करते..और बच्चे ये ही सोचेंगे कि यह हमको नहीं समझते... हमें कुछ करने नहीं देते... सो एंजॉय.... डोंट टेक स्ट्रेस.... जस्ट चिल. 🤗😇बट इतना भी चिल मत करना की पेरेंट्स बच्चों को समझाना छोड़ दे और बच्चे पेरेंट्स को समझना 😉
20 से 25 साल पहले पेरेंट्स और बच्चे...
बेटा... बोला ना आज खाने में आलू की सव्जी और पराठे है.... मम्मी मुझे नहीं खाना... कुछ और बनाओ ...देख बेटा खाना तो यही है... खाना है तो खा नहीं तो हवा खा... कल ही तो पकोड़ी बनायीं थी.... मम्मी आज टिफ़िन में क्या है... अचार और परांठा... कल ही तो सब्जी रखी थी... रोज-रोज के नाटक मत किया करो... मैं भी इंसान हूं... मम्मी मैं स्कूल से आ गया.. ठीक है रसोई में खाना रखा है लगा लो... मम्मी मैं क्रिकेट खेलने जा रहा हूँ ... . आने दो पापा को तुम्हारी शिकायत नहीं करी तो... पढ़ाई को तो आग लगा रखी हैँ तुम लोग ने .... तुम्हारी बहन को देखो... सुबह से अपनी सहेलियों के साथ घर -घर खेल रही हैं...दिन भर धुप में डोलते रहो.... हां आप तो हर बात पापा को बोला करो.. . जुबान चलाता हैं... शर्म नहीं आती... चला लो जुबान जब तुम पेरेंट्स बनोगे तब पता चलेगा.
आज वही बच्चे जो अब पेरेंट्स बन गए...
दिन भर मोबाइल या टीवी... कुछ और काम है... पढ़ाई तो होती नहीं तुमसे... इस मोबाइल ने तो बर्बाद कर दिया... मम्मी आज खाने में फिर वो ही डोसा, पावभाजी.... मुझे नहीं खाना मैं pizzaऑर्डर कर रहा हूं... करके देख... खाना कौन खाएगा..वेस्ट नहीं होगा... पैसे का तो दर्द ही नहीं है तुम लोग को....
पापा आज मैं लेट आऊंगा...फ्रेंड्स के साथ मूवी देखने जाऊँगा फिर डिनर...नो बेटा... टाइम खराब है.... टाइम से घर आ जाना... पापा आप लोग ही मना करते हो... मेरे फ्रेंड्स के मम्मी पापा तो नहीं करते... हर चीज आप से पूछ कर करो... कुछ फ्रीडम तो हैं ही नहीं... वी वांट स्पेस... कह लो बेटा जब पेरेंट्स बनोगे तब पता चलेगा.
आज से 10 से 15 साल बाद जब ये ही बच्चे पेरेंट्स बनेंगे....
बेटा खाने में कैप्सूल खाया और अपना ऑक्सीजन मास्क तो लगाओ..बाहर बहुत पॉलुशन है ... मन नहीं है मम्मी... और ये क्या tab और गैजेट्स फैला रखे हैं.. तुम लोग की कॉपी किताबें नहीं होती क्या पढ़ने के लिए... अरे मम्मी जस्ट चिल...we are new generation... हम इसी पर पढ़ाई करते हैं... आपके जैसे पेन पेंसिल से नहीं... मम्मी मैं गेम ज़ोन जाऊंगा... दो-तीन घंटे लग जाएंगे... खाना भी वही खाऊंगा... बेटा थोड़ा तो हेल्थ का ध्यान रखो... बिलकुल नहीं सुनते.... .मम्मी मुझे पता हैँ मुझे कैसे रहना हैँ.. मैं पागल नहीं हूँ... कैसे बदतमीज बच्चे हो... जब तुम पेरेंट्स बनोगे तब पता चलेगा.
क्या हुआ किस सोच में पड़ गये🤔🤔 ... पड़ा कुछ फर्क पेरेंट्स और बच्चों के रिलेशन में🤷♀️🤷♀️ ... नहीं ना... जमाना कोई भी हो.... पेरेंट्स और बच्चों का रिश्ता ऐसा ही रहेगा ... पेरेंट्स समझते हैं की बच्चे उनकी सुनते नहीं.. परवाह नहीं करते..और बच्चे ये ही सोचेंगे कि यह हमको नहीं समझते... हमें कुछ करने नहीं देते... सो एंजॉय.... डोंट टेक स्ट्रेस.... जस्ट चिल. 🤗😇बट इतना भी चिल मत करना की पेरेंट्स बच्चों को समझाना छोड़ दे और बच्चे पेरेंट्स को समझना 😉
so real.har parents or bachho ka sach
ReplyDeleteSuch main bhabhi👍🙂
ReplyDeleteTruth of every generation ����nicely described
ReplyDeleteTruth of every generation ����nicely described
ReplyDeleteReally....👍...thanks a lot🙂
ReplyDeleteVery true
ReplyDeleteWell written 👌👌
Thanku cheenu 🤗🤗
ReplyDeleteSo true..🙂
ReplyDelete🙂👍
ReplyDelete🙂👍
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteWell written Badi mummy and its true parents or bachchon ke bich ka relationship har ghar mein aisa hi hota hain
ReplyDelete🙂👍
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