जरुरी तो नहीं🤷♀️
एक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सेशन मे शाहरुख़ खान से उसके चाहने वाले ने पूछा.... कि हमारे सही काम के बदले में कोई हम से घृणा करें तो क्या करें.... तो शाहरुख खान ने बोला.... सही चीज पर्सनल होती है.... किसी दूसरे की उम्मीद या डिमांड पर आधारित नहीं होती..... नफरत या प्यार उसे जस्टिफाई नहीं करता... सही चीज किसी से एक्सपेक्टेशन नहीं चाहती.
ये बात मुझे बहुत ही सही लगी ... अगर हम ध्यान से देखें तो कितनी सही बात है... आज हम लोग कोई सही या अच्छा काम करते हैं तो दूसरों से आशा करते हैं कि वह उसकी तारीफ करें... प्रशंसा करें... और नहीं भी करें तो कम से कम घृणा तो नहीं करें.
लेकिन ये जरूरी तो नहीं कि जो काम हम सही कर रहे हैं दूसरों को वह सही ही लगे और वैसे भी अगर तुम्हारा काम सही है तो करते रहो.... और इसको तो पॉजिटिव लो की अगर कोई तुमसे नफरत कर रहा है तो इसका मतलब तुम्हारा काम सही है...इसको तो इनाम समझो.... क्यूंकि तुम्हारा काम सही हैँ तभी वो तुमसे नफरत कर रहा हैँ... नहीं तो वो तुमसे कोई मतलब ही नहीं रखते....
अगर तुम सही काम कर रहे हो तो लगातार करते रहो.... किसी के प्यार या नफरत की परवाह मत करो... और ऐसा करके हमारा ध्यान काम पर नहीं लोगो की राय पर ज्यादा होगा जिससे हमारे काम पर भी असर होगा... वैसे भी तुम अपने काम के लिए उनकी राय को इतना महत्व दे रहे हो... इसका मतलब तुम खुद sure नहीं हो की तुम सही हो या नहीं... तुम उनको अपनी जिंदगी का इतना इंपॉर्टेंट हिस्सा बनाते ही क्यों हो.... just let them go and do your work in right direction.
एक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सेशन मे शाहरुख़ खान से उसके चाहने वाले ने पूछा.... कि हमारे सही काम के बदले में कोई हम से घृणा करें तो क्या करें.... तो शाहरुख खान ने बोला.... सही चीज पर्सनल होती है.... किसी दूसरे की उम्मीद या डिमांड पर आधारित नहीं होती..... नफरत या प्यार उसे जस्टिफाई नहीं करता... सही चीज किसी से एक्सपेक्टेशन नहीं चाहती.
ये बात मुझे बहुत ही सही लगी ... अगर हम ध्यान से देखें तो कितनी सही बात है... आज हम लोग कोई सही या अच्छा काम करते हैं तो दूसरों से आशा करते हैं कि वह उसकी तारीफ करें... प्रशंसा करें... और नहीं भी करें तो कम से कम घृणा तो नहीं करें.
लेकिन ये जरूरी तो नहीं कि जो काम हम सही कर रहे हैं दूसरों को वह सही ही लगे और वैसे भी अगर तुम्हारा काम सही है तो करते रहो.... और इसको तो पॉजिटिव लो की अगर कोई तुमसे नफरत कर रहा है तो इसका मतलब तुम्हारा काम सही है...इसको तो इनाम समझो.... क्यूंकि तुम्हारा काम सही हैँ तभी वो तुमसे नफरत कर रहा हैँ... नहीं तो वो तुमसे कोई मतलब ही नहीं रखते....
अगर तुम सही काम कर रहे हो तो लगातार करते रहो.... किसी के प्यार या नफरत की परवाह मत करो... और ऐसा करके हमारा ध्यान काम पर नहीं लोगो की राय पर ज्यादा होगा जिससे हमारे काम पर भी असर होगा... वैसे भी तुम अपने काम के लिए उनकी राय को इतना महत्व दे रहे हो... इसका मतलब तुम खुद sure नहीं हो की तुम सही हो या नहीं... तुम उनको अपनी जिंदगी का इतना इंपॉर्टेंट हिस्सा बनाते ही क्यों हो.... just let them go and do your work in right direction.
Well written Badi mummy and its true Hume humesha apna work right direction mein hi karna chaiye. Hume dusro ki ray par kabhi depend nahi rahna chaiye
ReplyDeleteVery true betu...😘😘😘and thanku sooo much🤗🤗
ReplyDeleteYou just do the right thing and keep doing it.👍👍
ReplyDelete🙂🙏👍
ReplyDeleteRight
ReplyDelete🙂👍
DeleteI can thing of your previous blog “om ignoray namah”... just ignore other’s opinions and focus on self!!
ReplyDelete😀😀😀very true beta👍👍👍
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