Jindagi ek unsuljhi paheli

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Thursday, 11 December 2025

तालमेल

 शहर में प्रदूषण की हालत तेजी से बिगड़ती जा रही थी l खांसी, दमे, फेफड़ों की समस्या से सिर्फ बच्चे और बुजुर्ग ही नहीं हर उम्र के लोग परेशान थे l लोग सरकार से मांग कर रहे स्कूल, ऑफिस बंद कर दिए जाएं... ऑनलाइन शिक्षा और वर्क फ्रॉम होम किया जाए l  कोर्ट ने भी  शहर में सभी तरह के निर्माण कार्यों को तुरंत बंद करने के आदेश पारित कर दिए l  बढ़ता प्रदूषण, लोगो का आक्रोश, कोर्ट के आदेश के  सामने सरकार  तुरंत हरकत में आयी और सारे आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू किया गया l 


शहर के एक बड़े प्राइवेट स्कूल की ईमारत में बैठे  बच्चों को जैसे ही ये खबर मिली तो सबके चेहरे ख़ुशी से खिल गए  l  प्रदूषण से राहत मिलने की ख़ुशी से ज्यादा खुश इस बात से थे कि कल से स्कूल की छुट्टी और उनके पापा की भी छुट्टी l (सच बच्चों की दुनिया ऐसी ही होती है बड़ी खुशियों का इंतजार करने की बजाय वो छोटी छोटी खुशियों में ही अपनी ख़ुशी ढूंढ़ लेते  है )इधर उस प्राइवेट स्कूल के पास में ही एक सरकारी स्कूल भी था जहां गरीब तबके के बच्चे पढ़ने आते थे l जैसे ही अध्यापक ने उन बच्चों को ये खबर दी सब बच्चों के चेहरे खुश होने के बजाय लटक गए l आशा के विपरीत उनके लटके चेहरे देख अध्यापक अचरज से बोले,

" क्यों बच्चों उदास क्यों हो अरे बच्चों को तो छुट्टी का बहाना चाहिए होता है... छुट्टी के नाम से ही उछल पड़ते  हैं",

बच्चों ने अपनी उदासी का कारण अपने अध्यापक को बताया,

" टीचर जी पापा भी अब घर बैठेंगे तो फिर घर में चुल्हा कैसे जलेगा l सरकार तो प्रदूषण के नाम पर हर साल छुट्टी कर देती है... सबसे पहले पापा के काम पर ही रोक लगा देती है l पर हमारा पेट... हमारी भूख उस पर तो किसी प्रदूषण का कोई असर नहीं होता... वहां कभी कोई छुट्टी नहीं होती ",

कक्षा में सन्नाटा छा गया l अमूमन बच्चों के हर सवाल का जवाब देने वाले अध्यापक भी आज बच्चों के इस सवाल का जवाब देने में असमर्थ थे l बेबस अध्यापक की नजर खिड़की से बाहर गई l पास में ही चौखटी थी जहां हमेशा काम ढूंढ़ते मजदूरों की भीड़ लगी रहती थी l आज वह भी सूनी सी दिखाई दे रही थी.. प्रदूषण ने इसे भी अपने लपेटे में ले ही लिया l अध्यापक कभी सूनी चौखटी देखता तो कभी बच्चों के चिंतित चेहरे और दोनों में तालमेल बिठा रहा...बैठाये भी क्यों ना इस चौखटी का सूनापन ही तो बच्चों के चेहरे के तनाव का कारण था l

रीशा गुप्ता ✍🏻

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