Jindagi ek unsuljhi paheli

https://www.blogger.com/blogger.g?blogID=109319055420907736#pageelements

Monday, 15 December 2025

जुड़ी तारीख़े (कविता)

जब कोई इस दुनिया से हमेशा हमेशा के लिए चला जाता है तो कभी भी लौट कर वापस नहीं आता,

हम सोचते हैं कभी तो ऐसा संभव होता कि वह आता और हमारी जो इतनी अनकही बातें थे हम उससे कह पाते, कुछ दिन और उसके साथ थोड़ा तो हम जी पाते,

गिले, शिकवे,शिकायतें,खुशियां, गम, सुख दुख उसके साथ थोड़ा और बिता पाते,

पर नहीं जो एक बार चला गया,

वह कहा कभी लौट कर है आता,

तो जब जाने वाला कभी वापस नहीं आता तो उससे जुड़ी तारीखे  क्यों गाहे बगाहे  आती हैं,

रह रह कर हमारे घाव को आ फिर से हरा कर जाती है,

जैसे उसके जन्म की तारीख,उसके इस दुनिया से जाने की तारीख,

उसकी सफलताओं की तारीख,

उसकी असफलताओं के तारीख,

निराशा, आशा, उसके साथ बिताए सुनहरे दिन की हर तारीख अपने तय समय पर ही आती है,

पहली बार वह हमारी जिंदगी में आया,

आखिरी दफा हमारी जिंदगी से गया,

हर कुछ दिन में कैलेंडर के पन्ने पलटने पर उससे जुडी तमाम तारीखे आ जाती हैं,

और हमारे दुख को जैसे और गहन कर जाती है,

उन तारीखों से जुड़ी उसकी हर याद टीस बनकर हमारी जिंदगी में फिर से उभर आती हैं,

अगर वह वापस नहीं आ सकता तो अपने साथ उन तारीख को क्यों नहीं ले जाता,

या कही इन तारीखो के  बहाने वो हमारे पास है यह एहसास दिलाता है रहता,

उससे जुड़ी वो हर तारीख एक टीस देती हैं या फिर सुकून,

सच कहूं यह एहसास व्यक्त कर पाना बहुत मुश्किल है,

पता नहीं उससे जुडी हर तारीख  को हमेशा के लिए उसके साथ चले जाना चाहिए,

या फिर जैसे तारीखे आती है... कभी तो लौट कर उसे भी आना चाहिए l

No comments:

Post a Comment