Jindagi ek unsuljhi paheli

https://www.blogger.com/blogger.g?blogID=109319055420907736#pageelements

Wednesday, 17 December 2025

सबसे बड़ा रुपैया

कुछ दिन पहले एक खबर पढ़ी पति-पत्नी में तलाक हो गया और पत्नी पति से अपनी दी हुई किडनी वापस मांग रही है l असल में बात यू है की क्योंकि एक समय जब दोनों का रिश्ता बहुत गहरा था...सात जन्मों का वादा.. सात जन्मों का साथ था  तो बस उस रिश्ते और प्रेम की खातिर पत्नी ने पति को जरूरत पड़ने पर बिना सोचे समझें अपनी एक किडनी डोनेट कर दी l पर  क्योंकि अब उसी रिश्ते में खटास पैदा हो गयी l सात जन्म तो दूर की बात है सात पल रहना दोनों को गवारा नहीं था l अब जब अलग हुए तो पत्नी ने अपनी किडनी वापस करने की मांग रखी l अब भई जेवर, कपड़े लत्ते, पैसे तो फिर भी कोई दे दे पर किडनी l पढ़ कर हंसी भी आई और सोच में भी पड़ गए ऐसे तो कोई भी किसी को कुछ देने या लेने से पहले सौ दफा सोचेगा क्युकी और सब तो फिर भी दे दे पर दिया हुआ अंग वो कैसे वापस ले या दे l फिर लगा ये तो पति पत्नी का रिश्ता है जहाँ अलगाव की सम्भावना बनी रहती है पर खून के रिश्ते में ऐसी नौबत नहीं आ सकती l 


पर  हाल ही एक राजनीतिक परिवार में भी यही कोहराम मचा हुआ है l बेटी ने अपने पिता को अपनी किडनी  जरूरत पड़ने पर बिना एक पल गवाएं दे दी l पर अब परिवार में मतभेद होने पर अब उस बहन का भाई उसकी किडनी को  गन्दी किडनी कह रहा है l अब गंदा खून सुना था...किडनी भी गन्दी हो गई l पर हो भी सकता है क्युकी भाई की किडनी जरुरत से ज्यादा साफ रही होगी इसलिए  जरूरत पड़ने पर उसने अपने पिता को अपनी साफ किडनी नहीं दी l 


तो खून के रिश्तो पर से भी विश्वास उठ गया l फिर लगा एक रिश्ता होता है जो हम बाहरी दुनिया से बनाते है...व्यवहार का रिश्ता... शायद वहां ऐसा कुछ ना हो l पर जी फिर एक बार हमारे विश्वास को ठेस पहुंच ही गयी l एक एंप्लॉय जिसने जरूरत पड़ने पर अपने बॉस को अपनी किडनी दे दी l पर बॉस ठहरा बॉस... पेशेवर... अपनी कंपनी को हर हाल में ऊंचाई पर पहुँचाना... इसलिए वो रिश्ते, व्यवहार और किसी भी प्रकार के सम्बन्ध को अपने काम से अलग रखता होगा l फिर वैसे भी कहते है ना "घोड़ा घास से यारी करेगा तो खायेगा क्या"तो बस इन सब को ध्यान में रख उस बॉस  ने उस एम्प्लोयी को यह कहते हुए नौकरी से निकाल दिया कि वह एम्पलाई रिकवर होने में समय ले रही है l सच उस वक़्त उस एम्प्लोयी को सिर्फ और सिर्फ एक गाना ही याद आ रहा होगा  "मै रोउ या हसू  करूं मैं क्या करूं..."l


सच कहावत यूं ही नहीं बनी "नेकी कर दरिया में डाल" अब जब एक बार किसी को कुछ दे दिया तो बस उसे भूल जाओ भले वह पैसे हो, वचन हो, वादा हो या फिर तुम्हारी किडनी l बेचारी लड़की पहले किडनी से  गई बाद में नौकरी l अब तो किसी रिश्ते पर विश्वास ही नहीं रहा l 


अरे पर इतनी जल्दी भी विश्वास पर से विश्वास ना उठाओ.. आखिर विश्वास पर ही तो ये दुनिया कायम है.. आज भी एक ऐसा रिश्ता है और वो है "पैसे "का.. जी हाँ पैसे लो दो और किडनी लो या दो l फिर कोई झंझट ही नहीं की पैसे देने के बाद भी कोई अपनी किडनी वापस  मांग लेगा l अब उस एम्प्लोयी को भले वो गाना याद आ रहा हो पर हमें जो एक गाना याद आ रहा है वो है..


"ना बीवी ना बच्चा ना बाप बड़ा ना भईया,

द होल थिंग इज देट की भईया सबसे बड़ा रुपैया"... 


वैसे अगर आपको कोई गाना याद आये तो कमेंट बॉक्स में बताइयेगा l

No comments:

Post a Comment