दिशा के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था, कल क्रिसमस हैं बच्चों को क्या गिफ्ट दूँ I उसको कुछ सूझ ही नहीं रहा था I बच्चों ने पहले से ही बोल दिया था,
' मम्मी संता से कहना कि कुछ ऐसा गिफ्ट दे जिसे देखते ही मजा आ जाए',
उन्हें क्या पता था कि संता वंता कुछ नहीं होता, यह तो तुम्हारी मम्मी पापा ही है जो तुमको गिफ्ट लाकर देते हैं और उसे बच्चों की मासूमियत पर हंसी आ गयी I
अचानक वह काम करते-करते अपने बचपन में चली गई I उस टाइम संता , क्रिसमस का तो इतना क्रेज नहीं होता था,वह तो बस मम्मी पापा से कहते थे कि हमें यह चाहिए तो वह कहते थे,
'भगवान से प्रार्थना करो क्या पता वह तुम्हें दे दे',
और हम सब भाई बहन भगवान से प्रार्थना करते और भगवान जी मतलब मम्मी पापा उनकी मांग पूरी कर देते I धीरे-धीरे उसको समझ आने लगा कि भगवान नहीं मम्मी पापा ही हैं जो उनकी इच्छा पूरी करते हैं,पर जान कर भी उसने कभी उन्हें नहीं बताया और मम्मी पापा ने भी उन्हें उसी भ्रम में जीने दिया I कहते हैं ना कभी-कभी कुछ भ्रम.. भ्रम ही रहे तो अच्छे होते हैं,ताकि हमारे दिल को सुकून मिले,खुशी मिले I वह ना टूटे तो अच्छा ही होता है I
कभी-कभी उसे लगता था कि हम तो हमारी इच्छाएं मम्मी पापा से पूरी करवा लेते हैं पर उनकी इच्छाओं का क्या,वह तो बस पूरी जिंदगी हमारी इच्छा पूरी करने में लगा देते हैं, क्या कभी उनको नहीं लगता कि उनके भी कोई संता हो जो उनकी इच्छा पूरी करें I
'अरे कहां खो गई',
अचानक दिशा के हस्बैंड ने उसे हिला कर कहा तो उसने अपने हस्बैंड कोअपने मन की बात बताई, वो गहरी सांस लेकर बोले,
' हमारे लिए कितनी गर्व की बात हैं की हम इस काबिल है कि हम उनके संता बन कर उनकी इच्छा पूरी कर सके I और हां मेरी संता तो तुम हो,.जब मुझे किसी चीज की जरूरत होती है तुम बिना कहे पूरी कर देती हो,मेरी हर चीज जगह पर,मेरा हर काम समय पर,अपने सुख-दुख बांटने को तुम हो,इससे ज्यादा मुझे क्या चाहिए',
दिशा को भी लगा कि उसके पति भी तो उसके लिए सैंटा है,जो कोई भी मुसीबत में उसके साथ खड़े रहते हैं,जरुरत के समय उसके पास होते हैं I आज उसको लगा कि हम सब एक दूसरे के संता हैं जो जरूरत होने पर एक दूसरे की इच्छा पूरी करते हैं I
तभी उसके पति ने कहा,
' चलो बच्चों के गिफ्ट लाएं ताकि उन्होंने जो संता से मांगा है वह उन्हें दे सके',
दिशा के चेहरे पर मीठी सी मुस्कान थी I वह तैयार होने लगी बच्चों का क्रिसमस अच्छा बनाने के लिए,साथ ही साथ वो ये भी सोच रही थी की हर किसी की जिंदगी में एक संता होना ही चाहिए जिसे वो जरुरत होने पर अपनी विश बता सके I
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