लाफिंग बुद्धा, टर्टल =खुशियाँ, पैसा, पॉजिटिव एनर्जी 🤔
आजा बेटा खाना खा ले.... सुबह का गया हुआ है... भूख लग आयी होगी... रामू की मां ने रामू से बोला तो वो गुस्से में बोला... मां मुझे भूख नहीं है... मैं नहीं खाऊंगा खाना... क्यों बेटा.. क्या हुआ... क्यों नहीं खाएगा खाना... और इतना गुस्से में क्यों है...बापू से लड़ाई हुई है क्या... मां आप और बापू हमेशा मुझे कहते हो कि झूठ नहीं बोला कर... सच बोला कर... पर बापू खुद तो दिन भर झूठ बोलते हैं और मुझसे भी झूठ बुलवाते है... अरे ये क्या कह रहा है बेटा ... तेरे बापू तो कभी झूठ नहीं बोलते... और तुझसे क्यों झूठ बुलवाएंगे.... क्या कुछ भी बोले जा रहा है.... तो माँ बापू हर किसी से कहते हैं ये लाफिंग बुद्धा लेकर जाओ... आपके घर में खुशियां आएंगी... कोई दुख नहीं रहेगा.... यह फेंगशुई लेकर जाओ... आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी आएगी... और ये कछुआ लेकर जाओ आपके घर में पैसा आएगा... हाँ तो सही तो कहते हैं बापू... इसमें गलत क्या है... क्यों माँ... क्यों गलत नहीं है... अपने घर में तो कितने सारे लाफिंग बुद्धा हैं, टर्टल है, फेंगशुई है.... पर कहां है खुशियां... कहां है पैसा.... दो टाइम का खाना भी सही से नहीं मिलता... आधे टाइम तो तू भूखी रहती है.
रामू की मां उसको प्यार से खाना खिलाते हुए बोली... बेटा यह सब तो अमीरों के लिए है.... उनके घरों में रखने से उनके पास में पैसा आता है... खुशियां आती हैं.... हमें तो इनको बेचने से कैसे तैसे दो टाइम का खाना मिल जाता है.... क्या यह हमारे लिए खुशियां और पॉजिटिव एनर्जी नहीं है....ले देख आज मैंने तेरे लिए थोड़ी सी खीर बनाई है ... खा कर बता कैसी है ..कल एक बड़ी गाड़ी वालीे मेमसाहब आयी थी और बहुत सारे कछुए ले गई थी... और ले ये 2 rs आज टॉफ़ी भी ले आना .... रामू अपनी मां के हाथ से खाना खाते हुए सोच रहा था... शायद माँ सही कह रही है.... इनको बेचने से तो मैं खाना खा पा रहा हूं... और आज तो टॉफ़ी भी लाऊँगा... सही तो है... यही तो है खुशियां और रामू भागकर पड़ोस में टॉफी लेने चला गया और रामू की मां देख रही थी की रामू के बापू के लिए खाना बचा है या नहीं... वह तो आज भी पानी पी कर ही पेट भर लेगी.
आजा बेटा खाना खा ले.... सुबह का गया हुआ है... भूख लग आयी होगी... रामू की मां ने रामू से बोला तो वो गुस्से में बोला... मां मुझे भूख नहीं है... मैं नहीं खाऊंगा खाना... क्यों बेटा.. क्या हुआ... क्यों नहीं खाएगा खाना... और इतना गुस्से में क्यों है...बापू से लड़ाई हुई है क्या... मां आप और बापू हमेशा मुझे कहते हो कि झूठ नहीं बोला कर... सच बोला कर... पर बापू खुद तो दिन भर झूठ बोलते हैं और मुझसे भी झूठ बुलवाते है... अरे ये क्या कह रहा है बेटा ... तेरे बापू तो कभी झूठ नहीं बोलते... और तुझसे क्यों झूठ बुलवाएंगे.... क्या कुछ भी बोले जा रहा है.... तो माँ बापू हर किसी से कहते हैं ये लाफिंग बुद्धा लेकर जाओ... आपके घर में खुशियां आएंगी... कोई दुख नहीं रहेगा.... यह फेंगशुई लेकर जाओ... आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी आएगी... और ये कछुआ लेकर जाओ आपके घर में पैसा आएगा... हाँ तो सही तो कहते हैं बापू... इसमें गलत क्या है... क्यों माँ... क्यों गलत नहीं है... अपने घर में तो कितने सारे लाफिंग बुद्धा हैं, टर्टल है, फेंगशुई है.... पर कहां है खुशियां... कहां है पैसा.... दो टाइम का खाना भी सही से नहीं मिलता... आधे टाइम तो तू भूखी रहती है.
रामू की मां उसको प्यार से खाना खिलाते हुए बोली... बेटा यह सब तो अमीरों के लिए है.... उनके घरों में रखने से उनके पास में पैसा आता है... खुशियां आती हैं.... हमें तो इनको बेचने से कैसे तैसे दो टाइम का खाना मिल जाता है.... क्या यह हमारे लिए खुशियां और पॉजिटिव एनर्जी नहीं है....ले देख आज मैंने तेरे लिए थोड़ी सी खीर बनाई है ... खा कर बता कैसी है ..कल एक बड़ी गाड़ी वालीे मेमसाहब आयी थी और बहुत सारे कछुए ले गई थी... और ले ये 2 rs आज टॉफ़ी भी ले आना .... रामू अपनी मां के हाथ से खाना खाते हुए सोच रहा था... शायद माँ सही कह रही है.... इनको बेचने से तो मैं खाना खा पा रहा हूं... और आज तो टॉफ़ी भी लाऊँगा... सही तो है... यही तो है खुशियां और रामू भागकर पड़ोस में टॉफी लेने चला गया और रामू की मां देख रही थी की रामू के बापू के लिए खाना बचा है या नहीं... वह तो आज भी पानी पी कर ही पेट भर लेगी.
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ReplyDelete😑😑
ReplyDeleteSpeechless😔😔😔
ReplyDelete🤐🤐
DeleteVery heart touching story di
ReplyDelete👌👌👌👌👌👍👍👍👏👏
ReplyDeleteThanku ankita🙏🙂
ReplyDeleteYahi such hai ....well written
ReplyDeleteThanku dear🤗🤗
ReplyDelete👍👍👏👏👏
ReplyDeleteThanku 🤗🤗🤗
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