देखो इंसानियत जल रही है..
यहाँ अमित मरा तो कही फिरदौस भी मरा है..
कही राधा विधवा हुई तो उधर सलमा भी बेवा हुई है...
कही चिराग अपने पापा को ढूंढ रहा है तो सलीम भी अपने अब्बू को याद कर रो रहा है
गर रीमा अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध पायेगी तो सायरा भी ईद पर ईदी किससे लेगी.
खुशियाँ और दुख हिन्दू मुसलमान पूछ कर नहीं आते...
ये तो वो है जो इंसान का इंसान से भाईचारा नहीं देख पाते
अब वक्त नहीं है चुप बैठने का
उठो और देखो कौन हमें लड़ा रहा है
कौन इस आग में घी डाल रहा है
अब उठो.. अब बैठने का वक्त नहीं है
अगर अब भी नहीं उठे तो शायद कभी नहीं उठ पाओगे
अभी तो दिल्ली ही जला है
पता नहीं और कितने शहर जलते देखते रह जाओगे. 🙏🙏😔😔
यहाँ अमित मरा तो कही फिरदौस भी मरा है..
कही राधा विधवा हुई तो उधर सलमा भी बेवा हुई है...
कही चिराग अपने पापा को ढूंढ रहा है तो सलीम भी अपने अब्बू को याद कर रो रहा है
गर रीमा अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध पायेगी तो सायरा भी ईद पर ईदी किससे लेगी.
खुशियाँ और दुख हिन्दू मुसलमान पूछ कर नहीं आते...
ये तो वो है जो इंसान का इंसान से भाईचारा नहीं देख पाते
अब वक्त नहीं है चुप बैठने का
उठो और देखो कौन हमें लड़ा रहा है
कौन इस आग में घी डाल रहा है
अब उठो.. अब बैठने का वक्त नहीं है
अगर अब भी नहीं उठे तो शायद कभी नहीं उठ पाओगे
अभी तो दिल्ली ही जला है
पता नहीं और कितने शहर जलते देखते रह जाओगे. 🙏🙏😔😔
THE DEATH OF HUMANITY...😔😔
ReplyDelete😔😔
ReplyDelete😑😑😑
ReplyDelete😔😔
ReplyDelete😭
ReplyDelete😔😔😔
ReplyDeleteSo sad ...
ReplyDeleteSuch mein😔
ReplyDelete😒😒😒
ReplyDelete😔😔😔
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