लत 🥂🚭
मयंक हॉस्पिटल के बिस्तर पर लेटा हुआ था.... चारों ओर मशीन से घिरा हुआ... वह आधी बेहोशी में था पर डॉक्टर की बातें उसके कानों में साफ-साफ आ रही थी.... डॉक्टर उसकी पत्नी को बोल रहे थे...इनको कितनी बार समझाया... अपनी सिगरेट, गुटखे की लत को हटाओ.. नहीं तो स्थिति बहुत खतरनाक हो जाएगी... पर इन्होने बिल्कुल ध्यान नहीं दिया.. और आज इनकी यह हालत है... यह तो शुक्र है जो ये टाइम पर यहां आ गए.. पर अगर अब भी इन्होने अपने आप पर काबू नहीं पाया तो फिर हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है.
मयंक की पत्नी रोये जा रही थी... प्लीज डॉक्टर इनको सही कर दो... मेरा आपसे वादा है... अब कभी इन चीजों के हाथ नहीं लगाएंगे.. मयंक के बच्चे भी रो रहे थे और मम्मी से कह रहे थे मम्मी चुप हो जाओ... हम सब मिलकर पापा की इस लत को छुड़ाएंगे... मम्मी... पापा हमसे प्यार नहीं करते क्या... मयंक की छोटी बच्ची ने अपनी मम्मी से सवाल किया तो उसकी पत्नी रोते हुए बोली... नहीं बेटा... पापा तो अपन सब से बहुत प्यार करते हैं... नहीं मम्मी... आप झूठ बोलती हो... अगर पापा अपने से प्यार करते तो कभी इन गन्दी चीजों के हाथ नहीं लगाते... पापा को हमसे ज्यादा ये गन्दी चीज प्यारी है...मयंक की पत्नी को समझ ही नहीं आया इस बात का क्या जवाब दें.
उधर आधी बेहोशी में मयंक ने ये सब बातें सुनी तो उसको इतना रोना आया और वह आत्मग्लानि से भर गया.... उसको अपने ऊपर धिक्कार होने लगा... ऐसा नहीं है वो एकदम से बीमार हो गया...उसकी इन लतो की वजह से वह बहुत सी बीमारीयों की चपेट में आ गया था ... सबने उसे बहुत समझाया पर उसे फर्क नहीं पड़ा... सबके सामने वह वादा करता पर अगले दिन से सब चालू.... वास्तव में उसने इन सब चीजों को कभी सीरियसली नहीं लिया...वो तो समझता था सब उसे यू ही कहते हैं और इन सब चीजों से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा.
कुछ प्रॉब्लम होने पर डॉक्टर के पास जाता... दवाइयां लेता पर जो समस्या की जड़... मूल वजह थी... उसकी लते... वह उसने कभी छोड़ी ही नहीं... वो तो पूरी तरह से इसकी गिरफ्त में आ चुका था.
इसकी वजह से उसकी पत्नी से बहुत लड़ाई होती... पर वो अपनी दलीले देकर मना लेता.. पत्नी भी बेचारी हारकर हथियार डाल देती.... उसके शुभचिंतकों ने उसे बहुत समझाया... पर वह अपने ऊपर कंट्रोल ही नहीं कर पाया और आज उसकी ये हालत है कि वह अपनी लत तो क्या ... नॉर्मल खाना भी नहीं खा पा रहा... अभी तो सिर्फ ड्रीप के सहारे ही है.
पर आज अपनी बच्ची के मुंह से ये सब सुनकर शर्म से पानी-पानी हो गया और अपने आप से वादा कर रहा है कि अब अपनी लत को छुड़ाकर रहूंगा... अब कभी उसके पास नहीं जाऊंगा.... मुझे बस अब मेरी फैमिली के पास जाना है.... अब जैसे डॉक्टर्स कहेँगे... और जो मेरे स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा... वही करूंगा... तभी नर्स ने उसको नींद का इंजेक्शन लगा दिया.. और वो नींद के आगोश में चला गया....पर एक नयी सुबह बाहे खोल कर उसके इंतजार में बैठी थी...जहाँ ये लते नहीं होंगी... होंगी तो उसकी अच्छी आदते... उसका हसता खेलता परिवार... और हां सबसे जरुरी उसका अच्छा स्वास्थय. 🙏🙏🙏
मयंक हॉस्पिटल के बिस्तर पर लेटा हुआ था.... चारों ओर मशीन से घिरा हुआ... वह आधी बेहोशी में था पर डॉक्टर की बातें उसके कानों में साफ-साफ आ रही थी.... डॉक्टर उसकी पत्नी को बोल रहे थे...इनको कितनी बार समझाया... अपनी सिगरेट, गुटखे की लत को हटाओ.. नहीं तो स्थिति बहुत खतरनाक हो जाएगी... पर इन्होने बिल्कुल ध्यान नहीं दिया.. और आज इनकी यह हालत है... यह तो शुक्र है जो ये टाइम पर यहां आ गए.. पर अगर अब भी इन्होने अपने आप पर काबू नहीं पाया तो फिर हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है.
मयंक की पत्नी रोये जा रही थी... प्लीज डॉक्टर इनको सही कर दो... मेरा आपसे वादा है... अब कभी इन चीजों के हाथ नहीं लगाएंगे.. मयंक के बच्चे भी रो रहे थे और मम्मी से कह रहे थे मम्मी चुप हो जाओ... हम सब मिलकर पापा की इस लत को छुड़ाएंगे... मम्मी... पापा हमसे प्यार नहीं करते क्या... मयंक की छोटी बच्ची ने अपनी मम्मी से सवाल किया तो उसकी पत्नी रोते हुए बोली... नहीं बेटा... पापा तो अपन सब से बहुत प्यार करते हैं... नहीं मम्मी... आप झूठ बोलती हो... अगर पापा अपने से प्यार करते तो कभी इन गन्दी चीजों के हाथ नहीं लगाते... पापा को हमसे ज्यादा ये गन्दी चीज प्यारी है...मयंक की पत्नी को समझ ही नहीं आया इस बात का क्या जवाब दें.
उधर आधी बेहोशी में मयंक ने ये सब बातें सुनी तो उसको इतना रोना आया और वह आत्मग्लानि से भर गया.... उसको अपने ऊपर धिक्कार होने लगा... ऐसा नहीं है वो एकदम से बीमार हो गया...उसकी इन लतो की वजह से वह बहुत सी बीमारीयों की चपेट में आ गया था ... सबने उसे बहुत समझाया पर उसे फर्क नहीं पड़ा... सबके सामने वह वादा करता पर अगले दिन से सब चालू.... वास्तव में उसने इन सब चीजों को कभी सीरियसली नहीं लिया...वो तो समझता था सब उसे यू ही कहते हैं और इन सब चीजों से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा.
कुछ प्रॉब्लम होने पर डॉक्टर के पास जाता... दवाइयां लेता पर जो समस्या की जड़... मूल वजह थी... उसकी लते... वह उसने कभी छोड़ी ही नहीं... वो तो पूरी तरह से इसकी गिरफ्त में आ चुका था.
इसकी वजह से उसकी पत्नी से बहुत लड़ाई होती... पर वो अपनी दलीले देकर मना लेता.. पत्नी भी बेचारी हारकर हथियार डाल देती.... उसके शुभचिंतकों ने उसे बहुत समझाया... पर वह अपने ऊपर कंट्रोल ही नहीं कर पाया और आज उसकी ये हालत है कि वह अपनी लत तो क्या ... नॉर्मल खाना भी नहीं खा पा रहा... अभी तो सिर्फ ड्रीप के सहारे ही है.
पर आज अपनी बच्ची के मुंह से ये सब सुनकर शर्म से पानी-पानी हो गया और अपने आप से वादा कर रहा है कि अब अपनी लत को छुड़ाकर रहूंगा... अब कभी उसके पास नहीं जाऊंगा.... मुझे बस अब मेरी फैमिली के पास जाना है.... अब जैसे डॉक्टर्स कहेँगे... और जो मेरे स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा... वही करूंगा... तभी नर्स ने उसको नींद का इंजेक्शन लगा दिया.. और वो नींद के आगोश में चला गया....पर एक नयी सुबह बाहे खोल कर उसके इंतजार में बैठी थी...जहाँ ये लते नहीं होंगी... होंगी तो उसकी अच्छी आदते... उसका हसता खेलता परिवार... और हां सबसे जरुरी उसका अच्छा स्वास्थय. 🙏🙏🙏
Very nice written di👌👌👌👌👍👍👍👍
ReplyDeleteThanku 🙂
DeleteGood 👍👍very well written.
ReplyDeleteThanku 👍
ReplyDeleteVery nicely written bhabhi
ReplyDeleteThanku shikha 🙂👍
ReplyDeletenice Risha didi.
ReplyDeletekash har koi is baat ko samjhe
Such mein bhabhi...kash har koi samjhe👍
ReplyDeleteसभी को समझना चाहिए लेकिन लोग ना समझना चाहते है और ना ही अपने परिवार की तरफ ध्यान देना चाहते. हम समझेंगे परिवार समझेगा तभी देश व समाज समझेगा
ReplyDeleteAbsolutely 👍
ReplyDeleteRight di...👍👍👍
ReplyDeleteHope everyone understands this in time.
Right sonu..kash Sab samay par sambhal jaye😔
ReplyDeleteSpeech less heads off to your title
ReplyDelete🙂🙏
ReplyDeleteWell written di 👌
ReplyDeleteKeep it up 👍
Thanks a lot😘😘
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