माँ👩👧👦
जैसा कि मैं अपने दो ब्लॉग्स में बता ही चुकी हूँ कि मम्मी ठीक नहीं है...आजकल मैं मम्मी के पास आल्टेरनेट डेज उनकी केयर करने के लिए जाती हूं.
कहते हैं ना बीमारी में आदमी बच्चा बन जाता है... मम्मी भी ठीक वैसे ही हो गई हैं.. उनकी केयर एक बच्चे की जैसे करनी पड़ती है... मैंने मम्मी का ऐसा रूप कभी देखा नहीं था. उनको खाना खिलाने में बहुत मुश्किल होती है तो मैं उनको कहती हूं आप जितना खाओगी मैं उतना ही खाऊँगी... अगर आपने आधी रोटी खाई तो मैं भी आधी रोटी ही खाऊंगी तो एकदम से वह बोली... इसकी रोटी थोड़ी मोटी बनाना.... थी तो एकदम साधारण बात पर मेरे दिल को अंदर तक छू गई... ऐसी बात एक माँ ही कह सकती है... बीमारी में भी उसको अपने बच्चे का ध्यान है.
हमने एक कहानी भी सुनी है.. एक महात्मा ने गुस्से में अपनी मां को पत्थर बना दिया.. जब वह गुस्से में जा रहा था तो उसी पत्थर से उसे ठोकर लग गई तो पत्थर से आवाज आई बेटा कहीं लगी तो नहीं.. माँ को यह दुख नहीं था की मेरे बेटे ने मुझे पत्थर बना दिया... उसे उसे तो यह दुख था कि बेटे के कहीं लगी तो नहीं.
यह तो कुछ उदाहरण है... ऐसे पता नहीं कितने किस्से, कहानियां, हकीकत है जो माँ से जुडी हैं. मुझे नहीं लगता इस दुनिया में माँ से बड़ा कोई शुभचिंतक अपने बच्चों का कोई होता है... तो इसलिए सभी से कहती हूं कि रेस्पेक्ट योर माँ🙏 , लव योर माँ, स्पेंड योर टाइम विथ योर माँ . ऐसा ना हो कि जब वक्त निकल जाये तो लगे काश थोड़ा और टाइम देते, थोड़ा मीठा बोल लेते, उनसे थोड़ा और प्यार से बात करते.
जैसा कि मैं अपने दो ब्लॉग्स में बता ही चुकी हूँ कि मम्मी ठीक नहीं है...आजकल मैं मम्मी के पास आल्टेरनेट डेज उनकी केयर करने के लिए जाती हूं.
कहते हैं ना बीमारी में आदमी बच्चा बन जाता है... मम्मी भी ठीक वैसे ही हो गई हैं.. उनकी केयर एक बच्चे की जैसे करनी पड़ती है... मैंने मम्मी का ऐसा रूप कभी देखा नहीं था. उनको खाना खिलाने में बहुत मुश्किल होती है तो मैं उनको कहती हूं आप जितना खाओगी मैं उतना ही खाऊँगी... अगर आपने आधी रोटी खाई तो मैं भी आधी रोटी ही खाऊंगी तो एकदम से वह बोली... इसकी रोटी थोड़ी मोटी बनाना.... थी तो एकदम साधारण बात पर मेरे दिल को अंदर तक छू गई... ऐसी बात एक माँ ही कह सकती है... बीमारी में भी उसको अपने बच्चे का ध्यान है.
हमने एक कहानी भी सुनी है.. एक महात्मा ने गुस्से में अपनी मां को पत्थर बना दिया.. जब वह गुस्से में जा रहा था तो उसी पत्थर से उसे ठोकर लग गई तो पत्थर से आवाज आई बेटा कहीं लगी तो नहीं.. माँ को यह दुख नहीं था की मेरे बेटे ने मुझे पत्थर बना दिया... उसे उसे तो यह दुख था कि बेटे के कहीं लगी तो नहीं.
यह तो कुछ उदाहरण है... ऐसे पता नहीं कितने किस्से, कहानियां, हकीकत है जो माँ से जुडी हैं. मुझे नहीं लगता इस दुनिया में माँ से बड़ा कोई शुभचिंतक अपने बच्चों का कोई होता है... तो इसलिए सभी से कहती हूं कि रेस्पेक्ट योर माँ🙏 , लव योर माँ, स्पेंड योर टाइम विथ योर माँ . ऐसा ना हो कि जब वक्त निकल जाये तो लगे काश थोड़ा और टाइम देते, थोड़ा मीठा बोल लेते, उनसे थोड़ा और प्यार से बात करते.
Waaoowww!!!👌👌👌👌
ReplyDelete🙂😘
DeleteRight di...👌👌👌
ReplyDelete🙂🙏
DeleteSahi kah rahe ho bhabhi.....maa ke jaisa koi nahi ho sakta
ReplyDeleteVery true shikha 🙂
ReplyDeleteHeart touching ...😥
ReplyDelete🙂🙏
ReplyDeleteVery true
ReplyDelete🙂🙏
ReplyDeleteVery nice and very heart touching di.No one can fill the place of mother.Ma ke Jese duniya me koi bina shart ke pyar nahi kar sakta.ma h to jahan bahut pyra h varna kuch nahi.
ReplyDeleteReally ankita...thanku so much 🙏🙂
DeleteHeart touching Badi mummy
ReplyDeleteWell written Badi mummy
Thanku beta 😘
ReplyDelete❤️❤️❤️❤️
ReplyDelete❤❤😘😘
ReplyDeletemaa to maa hoti h
ReplyDeleteRight bhabhi 🙂
ReplyDeleteMa word hi aisa hai jisme sara sansaar dikhta hai...can't compare anyone from her...n u don't worry aunty zaldi hi pahle jaisi ho jayengi ..tumare sath hamari duyain jo hai
ReplyDeleteThanku soooo much🙏🙂
ReplyDeletebahut achche Risha..very thoughtful and touching..keep it up
ReplyDeleteThanku🤗🤗🙂👍
ReplyDeleteBas ker pagli rulayegi kya very well written again speechless
ReplyDelete🙂🙂😘😘
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