छोड़ आई,,, तेरे लिए, सब कुछ छोड़ आई,, मेरा घर, मेरी सखियां, मेरी गलियां, मेरी खुशियां, मेरी यादें, यहाँ तक मेरी पहचान भी !
निभाने लगी, आते ही तेरी सब जिम्मेदारी, कस ली कमर एक नई शुरुआत कि, नये आगाज की, भूल गई, कभी मुझे भी भूख लगती है, भूल गई कभी मुझे भी दर्द होता है, भूल गई,, है कुछ मेरे भी अरमान !
अब तो बस खुद को सबके बाद में रख दिया, और सब की खुशी में ही अपनी खुशी देखने लगी !
पर कभी-कभी तो मैं भी जीना चाहती हूं, भूलना चाहती हूं जिम्मेदारी, रहना चाहती हूं आजाद, लेना चाहती हूं खुलकर सांस,,,, क्या हुआ गर दूध गैस पर उबल रहा है, क्या हुआ जो कपड़े बारिश में भीग रहे हैं, क्या हुआ जो आज बच्चों ने खाने की जगह मैगी खा ली, क्या हुआ जो शाम की चाय मैंने नहीं बनाई, क्या हुआ आज सबसे पहले मैं खाना खाने बैठ गई, क्या हुआ जो दो पैसे नहीं बचा कर मैं अपने लिए कुछ ले आई, क्या हुआ जो फुर्सत के दो पल जी लिए !
क्यों,, क्या मैं नहीं हूं इंसान, क्या नहीं है मेरे कोई अरमान, नहीं है मेरी कोई खुशी, नहीं है मेरे कोई अहसास !
अगर है,, तो जी लेने दो,, बस कुछ पल,,, सिर्फ और सिर्फ मेरे लिए !
निभाने लगी, आते ही तेरी सब जिम्मेदारी, कस ली कमर एक नई शुरुआत कि, नये आगाज की, भूल गई, कभी मुझे भी भूख लगती है, भूल गई कभी मुझे भी दर्द होता है, भूल गई,, है कुछ मेरे भी अरमान !
अब तो बस खुद को सबके बाद में रख दिया, और सब की खुशी में ही अपनी खुशी देखने लगी !
पर कभी-कभी तो मैं भी जीना चाहती हूं, भूलना चाहती हूं जिम्मेदारी, रहना चाहती हूं आजाद, लेना चाहती हूं खुलकर सांस,,,, क्या हुआ गर दूध गैस पर उबल रहा है, क्या हुआ जो कपड़े बारिश में भीग रहे हैं, क्या हुआ जो आज बच्चों ने खाने की जगह मैगी खा ली, क्या हुआ जो शाम की चाय मैंने नहीं बनाई, क्या हुआ आज सबसे पहले मैं खाना खाने बैठ गई, क्या हुआ जो दो पैसे नहीं बचा कर मैं अपने लिए कुछ ले आई, क्या हुआ जो फुर्सत के दो पल जी लिए !
क्यों,, क्या मैं नहीं हूं इंसान, क्या नहीं है मेरे कोई अरमान, नहीं है मेरी कोई खुशी, नहीं है मेरे कोई अहसास !
अगर है,, तो जी लेने दो,, बस कुछ पल,,, सिर्फ और सिर्फ मेरे लिए !
Well written bhabhi 👍
ReplyDeleteThanku sunita 🙏🙏🤗
DeleteBeautifully written bhabhi
ReplyDeleteThanku shikha 🙏🙏🤗
ReplyDeleteBeautiful n true
ReplyDeleteThanku pooja🙏🙏🤗🤗
ReplyDeletewah wah
ReplyDeletebht khub ab kya rulakar hi manogi
🤗🤗🙏🙏🙏😊thanku bhabhi
ReplyDeleteSuperb risha, very well reality written in poem..
ReplyDeleteThanku so much dear 🙏🙏🤗🤗
ReplyDeleteBahut acche...dil ke arma kagaj mey uter aaye
ReplyDelete😜😜😜😜🤣🤣🤣🤣🙏🙏🙏🙏😍😍😍thanku dear🙏🙏
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