आजकल माहौल कुछ बदला बदला सा है 🤔🤔😉
घर में सुबह कोई जल्दी नहीं बच्चों के स्कूल जाने की,
हस्बैंड जी भी कर रहे वर्क फ्रॉम होम हैं,
बेचारी गृहिणियों को नहीं मिल रहे फुर्सत के दो पल हैं,
नहीं लड़ा पा रही सहेलियों से गप्पे,
नहीं बिता पा रही , सुकून और आराम के दो पल है,
जो बच्चे पापा से मिलते थे वीकेंड पर,
आजकल चौबीसो घंटे साथ है,
बाजार में नहीं कोई भीड़ भाड़ है,
प्रदूषण से नहीं कोई बेजार है,
लोग अब दूर से ही कर रहे राम राम श्याम हैं,
सार्क देश भी एक होकर कर रहे विचार हैं,
जिसमे भारत और पाकिस्तान हैं,
आतंकी, चोर, डाकू जिनको नहीं लगता किसी से भी डर,
वो भी आजकल कोरोना से बेजार हैं,
मासूम जानवरों की नहीं चढ़ रही बलि है,
सब शाकाहार को कर रहे नमन हैं,
तो सच में आजकल... माहौल कुछ बदला-बदला सा है !😃😃😅😅😉😉
घर में सुबह कोई जल्दी नहीं बच्चों के स्कूल जाने की,
हस्बैंड जी भी कर रहे वर्क फ्रॉम होम हैं,
बेचारी गृहिणियों को नहीं मिल रहे फुर्सत के दो पल हैं,
नहीं लड़ा पा रही सहेलियों से गप्पे,
नहीं बिता पा रही , सुकून और आराम के दो पल है,
जो बच्चे पापा से मिलते थे वीकेंड पर,
आजकल चौबीसो घंटे साथ है,
बाजार में नहीं कोई भीड़ भाड़ है,
प्रदूषण से नहीं कोई बेजार है,
लोग अब दूर से ही कर रहे राम राम श्याम हैं,
सार्क देश भी एक होकर कर रहे विचार हैं,
जिसमे भारत और पाकिस्तान हैं,
आतंकी, चोर, डाकू जिनको नहीं लगता किसी से भी डर,
वो भी आजकल कोरोना से बेजार हैं,
मासूम जानवरों की नहीं चढ़ रही बलि है,
सब शाकाहार को कर रहे नमन हैं,
तो सच में आजकल... माहौल कुछ बदला-बदला सा है !😃😃😅😅😉😉
Wah...korona ko bhi likh daala...well said ...
ReplyDelete😀😀🙏🙏🤩🤩
ReplyDelete👌👌👏👏👏😊😊
ReplyDelete🙂🙏😘
ReplyDelete🙏🙏🙏🌝🌝
ReplyDelete🙂👍🙏
ReplyDeleteSahi hai, nice
ReplyDelete🙏🤗
ReplyDeleteVery coronaly written di😀😀.Har resent topic par ekdum Kamal ka likhti ho.very nice👌👌👌👌
ReplyDeleteThanku soooo much ankita 🙏🙏🤗🤗
ReplyDeleteThat’s true di. Very nice👌
ReplyDeleteThanku nidhi🙂🤗
ReplyDeleteआप बहुत सुंदर अभिव्यक्त करते हो,,,, प्रतिलिपि पर अपनी रचनाओं से हम पाठकों को भी अनुगृहीत करें 🙏🙏
ReplyDeleteThanku sooo much🙏🙏
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