ससुराल के मायने(Meaning)
ससुराल से मेरा मान है ..
पहचान हैँ, अभिमान है .
ससुराल मे मै नहीं तो घर का कोना कोना है सूना...
कौन से मसाले कहा रखे, सब है परेशान...
किसके कपडे किधर रखे सब हैं हैरान,
धोबी का हिसाब, बाई का हिसाब, पेपर का हिसाब...
मेरे बिना सब हैं परेशान..
कौन पीयेगा फीकी चाय और कौन खायेगा कम तेल ,नमक की सब्जी... सबके लिए अजब हैँ पहेली...
पीहर में अगर रुकने जाऊ.. तो जिस कोने में रखी मेरी अटैची..
मेरे वहां से जाने पर माँ, भाभी को लगे वो जगह खुली खुली..
पर ससुराल में मेरे ना होने से घर का कोना कोना है सूना..
पीहर में मेरी हर इच्छा का रखा जाता मान...
क्यूंकि मैं हूँ वहां दो दिन की मेहमान...
पर ससुराल में मेरे बिना नहीं होता कोई काम..
क्यूंकि यहाँ की मैं नहीं हूँ मेहमान..
दो से गर रुकू पीहर में तीन दिन तो पड़ोसियों को भी लगे मेरी उपस्थिति का बोझ..
पर ससुराल में ना रहू एक दिन तो पड़ोसियों को भी लगे मेरी अनुपस्थिति का बोझ...
पति के मोज़े कहा है.. . बच्चों की किताबें कहा है..
सास ससुर की दवाई कहा है ..
सब कुछ हैँ मेरे बिना उल्टा पुल्टा..
इसलिए माना पीहर है तुम्हारा पहला घर..
पर ससुराल है तुम्हारा ऐसा घर..
जहाँ तुम्हारे बिना नहीं किसी का गुजारा..
तो मत कोसो हमेशा अपने ससुराल को...
लाख कमी हो तुम्हारे ससुराल में..
पर मान रहेगा.. हमेशा तुम्हारा तुम्हारे इसी ससुराल में. 🤗🤗
ससुराल से मेरा मान है ..
पहचान हैँ, अभिमान है .
ससुराल मे मै नहीं तो घर का कोना कोना है सूना...
कौन से मसाले कहा रखे, सब है परेशान...
किसके कपडे किधर रखे सब हैं हैरान,
धोबी का हिसाब, बाई का हिसाब, पेपर का हिसाब...
मेरे बिना सब हैं परेशान..
कौन पीयेगा फीकी चाय और कौन खायेगा कम तेल ,नमक की सब्जी... सबके लिए अजब हैँ पहेली...
पीहर में अगर रुकने जाऊ.. तो जिस कोने में रखी मेरी अटैची..
मेरे वहां से जाने पर माँ, भाभी को लगे वो जगह खुली खुली..
पर ससुराल में मेरे ना होने से घर का कोना कोना है सूना..
पीहर में मेरी हर इच्छा का रखा जाता मान...
क्यूंकि मैं हूँ वहां दो दिन की मेहमान...
पर ससुराल में मेरे बिना नहीं होता कोई काम..
क्यूंकि यहाँ की मैं नहीं हूँ मेहमान..
दो से गर रुकू पीहर में तीन दिन तो पड़ोसियों को भी लगे मेरी उपस्थिति का बोझ..
पर ससुराल में ना रहू एक दिन तो पड़ोसियों को भी लगे मेरी अनुपस्थिति का बोझ...
पति के मोज़े कहा है.. . बच्चों की किताबें कहा है..
सास ससुर की दवाई कहा है ..
सब कुछ हैँ मेरे बिना उल्टा पुल्टा..
इसलिए माना पीहर है तुम्हारा पहला घर..
पर ससुराल है तुम्हारा ऐसा घर..
जहाँ तुम्हारे बिना नहीं किसी का गुजारा..
तो मत कोसो हमेशा अपने ससुराल को...
लाख कमी हो तुम्हारे ससुराल में..
पर मान रहेगा.. हमेशा तुम्हारा तुम्हारे इसी ससुराल में. 🤗🤗
सही कहा
ReplyDeleteThanku avinash🙏🙂
ReplyDeleteVery well written bhabhi
ReplyDelete🙂thanku shikha
ReplyDeleteTrue though 👍👍
ReplyDeleteThanku so much bhabhi🙏🙂
ReplyDeleteTrue thought badi mummy👌👌
ReplyDeleteThanku betu😘
ReplyDeleteकुछ लोग हमेशा ख़ुश व संतुष्ट रहते हैं,
ReplyDeleteइसलिए नहीं की उनके जीवन में
सबकुछ ठीक होता है.........
बल्कि उनकी सोच हर हाल में सकारात्मक होती है.......
Absolutely bhaiya...very true👍
ReplyDeleteSo touching 👍👌
ReplyDeleteThanku didi🤗🤗
ReplyDeleteVery good kisi ne toh sasural ka maan badhaya👍👏👏
ReplyDelete😃😃🤗🤗👍
ReplyDeleteToooooO GoooooD Risha...One of the best I have read for a long time...Sochne ko majboor kar diya aur baar baar padhne ki ichchcha ho rahi hai..Beautiful thoughts..
ReplyDeletekuchh lines seedhe dil ko chhoo gayi,..jaise -
पीहर में अगर रुकने जाऊ.. तो जिस कोने में रखी मेरी अटैची..
मेरे वहां से जाने पर माँ, भाभी को लगे वो जगह खुली खुली..
Aur uske baad...
पर ससुराल में मेरे ना होने से घर का कोना कोना है सूना..
ShaanDaar..JaanDaar...Hatsoff to you and really proud of you
Very Well Done
Thanku soooo much naveen...aise comments se mujhe lagta hain ki such main maine kuch meaningful likha...these type of comments give me courage to proud on myself...again thanku so much🙂🙏
ReplyDelete😊
ReplyDelete🤗🤗
ReplyDeleteVery nice and beautiful thought di👌👌👌👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteThanku sooo much ankita🙂🙏
ReplyDeleteright risha didi
ReplyDeleteThanku bhabhi 🙂👍
ReplyDeleteExcellent. ...wat a luvly thought ....very well written. ..
ReplyDeleteThankuuu soooo much dear😍😍🤗🤗
ReplyDeleteIt’s so nice Mosi!! 👍👍
ReplyDeleteThanku sooo much betu😍😍
ReplyDelete