आजादी या गुलामी 🤔🤔
पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज के लड़के लड़कियों को ड्रग्स खरीदते हुए पकड़ा.... वहीं से उनके पेरेंट्स को फोन किया.... एक लड़के के पापा रोने लगे कि हमने तो बेटे को पढ़ने के लिए भेजा था. उस पापा के दिल पर क्या गुजरी होगी... वह सोच रहे थे कि उन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को अपने से अलग करके अपने से इतना दूर पढ़ने भेजा.... अपना पेट काटकर उसके खर्चे चला रहे थे कि कैसे भी करके उसका कैरियर बन जाए...पर जब उनके पास सीधे पुलिस से फोन आया कि आपका बेटा ड्रग्स खरीदते पकड़ा गया... सोचो क्या हाल हुआ होगा उनका.
अरे जो ड्रग्स सप्लाई करते हैं क्या उनकी फैमिली नहीं होती.... उनको एक बार भी ख्याल नहीं आता कि हम क्यों युवा पीढ़ी को इस नरक में धकेल रहे हैं.... पर पैसों के आगे वह कहां सोच पाएंगे.
और आज की युवा पीढ़ी क्या इनको नहीं लगता कि अपने घर से इतना दूर अपना करियर बनाने आए हैं... हमारे पेरेंट्स ने कितना दुखी होकर हमको अपने से अलग किया... वह अपनी खुशियों की परवाह ना करके हमारा खर्चा चला रहे हैं..अरे वो तो ये भी नहीं कहते की हमारा सहारा बनो... तुम तो बस खुदका ही करियर बना लो... खुद का तो सहारा बन जाओ.
तुम घर से दूर आए तो क्या समझते हो तुम आजाद हो गए... आजादी नहीं ये तो गुलामी हैं... गुलामी है... नशेकी, बुरी आदतों की.... और एक बार इसके गुलाम बन गए तो जिंदगी भर गुलाम बन जाओगे... एक बार ये वक्त चला गया तो यह कभी वापस नहीं आएगा.... तो या तो इसे अपना करियर बनाने में लगा लो नहीं तो खोने को तो अब बचा भी क्या है.
पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज के लड़के लड़कियों को ड्रग्स खरीदते हुए पकड़ा.... वहीं से उनके पेरेंट्स को फोन किया.... एक लड़के के पापा रोने लगे कि हमने तो बेटे को पढ़ने के लिए भेजा था. उस पापा के दिल पर क्या गुजरी होगी... वह सोच रहे थे कि उन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को अपने से अलग करके अपने से इतना दूर पढ़ने भेजा.... अपना पेट काटकर उसके खर्चे चला रहे थे कि कैसे भी करके उसका कैरियर बन जाए...पर जब उनके पास सीधे पुलिस से फोन आया कि आपका बेटा ड्रग्स खरीदते पकड़ा गया... सोचो क्या हाल हुआ होगा उनका.
अरे जो ड्रग्स सप्लाई करते हैं क्या उनकी फैमिली नहीं होती.... उनको एक बार भी ख्याल नहीं आता कि हम क्यों युवा पीढ़ी को इस नरक में धकेल रहे हैं.... पर पैसों के आगे वह कहां सोच पाएंगे.
और आज की युवा पीढ़ी क्या इनको नहीं लगता कि अपने घर से इतना दूर अपना करियर बनाने आए हैं... हमारे पेरेंट्स ने कितना दुखी होकर हमको अपने से अलग किया... वह अपनी खुशियों की परवाह ना करके हमारा खर्चा चला रहे हैं..अरे वो तो ये भी नहीं कहते की हमारा सहारा बनो... तुम तो बस खुदका ही करियर बना लो... खुद का तो सहारा बन जाओ.
तुम घर से दूर आए तो क्या समझते हो तुम आजाद हो गए... आजादी नहीं ये तो गुलामी हैं... गुलामी है... नशेकी, बुरी आदतों की.... और एक बार इसके गुलाम बन गए तो जिंदगी भर गुलाम बन जाओगे... एक बार ये वक्त चला गया तो यह कभी वापस नहीं आएगा.... तो या तो इसे अपना करियर बनाने में लगा लो नहीं तो खोने को तो अब बचा भी क्या है.
ड्रक्स को तो किसी भी तरह जायज ठहरा ही नहीं जा सकता पैसे के लालच में आदमी कितना गिर सकता है
ReplyDeleteExactly 👍
ReplyDeletesoch ke bhi dar lagta hai
ReplyDeletebachho ko apna sahi galat samjhna chahiye
kyu paise ke liye log kuch bhi kar skte hai or apne sahi kaha ye ghulami hai azadi nahi
ReplyDeleteBilkul bhabhi...such mein bahaut darlagta hain...😔😔
ReplyDelete👍👌
ReplyDeleteVery true and nicely written di👌👌
ReplyDeleteThnx ankita 🙂
ReplyDeleteSach mein badi mummy
ReplyDeleteLog paiso ke liye kya kya kar lete hain
👍😔
ReplyDeleteफैशनेबल और स्टाइलिश दिखने के लिए शुरू में युवा इस ओर आकर्षित होते हैं, फिर धीरे धीरे आदी होते चले जाते हैं। यह गुलामी ही तो है।
ReplyDeleteबहुत अच्छा लिखा है आपने दी...
👍👍
True sonu..and thanku so much🙏
ReplyDeleteVery true n sad also bhabhi.....very well written
ReplyDeleteReally shikha....thanku🤗🤗
ReplyDeleteYe freedom nahi gulami hi hai ...ek din yuva pidhi bhi ise samzegi. .but shayad tub tuk bahut der ho jayegi. ..kash ye blogs yuva pidhi tuk jaye aur vo ise samay per samaz le aur apna future safe kr sake ...
ReplyDeleteReally...kash vo jaldi samjhe aur apna future sahi disha mein lekar jaye
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