महंगे गैजेट्स📸⌨
27 साल का सौरभ .. इलेक्ट्रिकल इंजीनियर.. नया नया जॉब मिला.. खूब प्रोग्रेस करी... कोलकाता में फ्लैट लिया... अपनी कंपनी का इंचार्ज बना दिया . जैसा कि आजकल की जनरेशन.. वह भी बहुत गेजेट्स लवर था.. नया आईफोन लिया वह उसकी टेक्नोलॉजी को लेकर बहुत एक्साइटेड था... वह ट्रेन से जमशेदपुर अपने पेरेंट्स के पास जा रहा था फोन पर बात कर रहा था कि तभी कोई उसका फोन छीन कर बाहर भाग गया.. एक बार तो वह समझ ही नहीं पाया फिर खुद भी अपने फोन के लिए ट्रेन से कूद गया.. पत्थर पर उसका सिर टकराया और उसकी डेथ हो गई.. पेपर में यह पढ़ते ही मन इतना खराब हो गया... मन अंदर तक रो दिया कि एक युवा जिसके कितने सपने थे.. एक शानदार भविष्य था... सब एक सेकंड में खत्म हो गया... उसके मां-बाप का क्या होगा... उनकी तो दुनिया ही खत्म हो गई.
मुझे पढ़कर यही लगा एक फोन ने सब कुछ खत्म कर दिया क्योंकि फोन भी ऐसा वैसा नहीं आईफोन था... उस लड़के की दुनिया और अपनी दुनिया को लेने भागा तो खुद की दुनिया ही खत्म कर ली.
आज हम सब इस टेक्नोलॉजी के इतने दीवाने हो गए कि इसको ही अपनी दुनिया बना लिया... यह हमको हमारी जान से भी प्यारा लगने लगा है.. इसको पाने को हम सब कुछ दांव पर लगा देते हैं... हो सकता है अगर आईफोन की जगह नॉर्मल फोन होता तो वह शायद ट्रेन से नहीं कूदता और आज इस दुनिया में होता.
एक किस्सा मेरे साथ भी हुआ... हमने भी हमारे बेटे को महंगा आईफोन दिलाया उसका पहला फोन वह भी आईफोन वह भी बहुत खुश था... हम बाहर ट्रिप पर गए और जब हम इमीग्रेशन लाइन में खड़े हुए तो मुझे पता चला कि मेरा बेटा बस में ही अपना फोन भूल गया... वैसे वापस हमें उसी बस में जाना था.. पर वह 2 घंटे मेरे और मेरे बेटे के लिए 2 साल से कम नहीं थे... कभी मैं उस पर गुस्सा करती... कभी दुख होता.. उसका फोन खो गया तो उसका क्या होगा और उसकी हालत वह तो खुद ही जानता था... एक अपराध बोध से ग्रस्त था .
एक जोक भी है.. एक लड़की का एक्सीडेंट हुआ सब ने पूछा कहीं लगी तो नहीं... कहीं हड्डी तो नहीं टूटी और उसने कहा पहले देखो मेरा फोन तो नहीं टूटा.. उसको अपने लगने की नहीं अपने फोन की चिंता थी... यह जोक हमारी मेंटालिटी पर जोक है.
. मैं यह नहीं कह रही कि हमें नये नये गैजेट नहीं लेने चाहिए पर उसको अपने ऊपर इतना हावी नहीं करना चाहिए कि हमारी जान पर बन आये और बाद में पछताने को कुछ भी ना रह जाये.
27 साल का सौरभ .. इलेक्ट्रिकल इंजीनियर.. नया नया जॉब मिला.. खूब प्रोग्रेस करी... कोलकाता में फ्लैट लिया... अपनी कंपनी का इंचार्ज बना दिया . जैसा कि आजकल की जनरेशन.. वह भी बहुत गेजेट्स लवर था.. नया आईफोन लिया वह उसकी टेक्नोलॉजी को लेकर बहुत एक्साइटेड था... वह ट्रेन से जमशेदपुर अपने पेरेंट्स के पास जा रहा था फोन पर बात कर रहा था कि तभी कोई उसका फोन छीन कर बाहर भाग गया.. एक बार तो वह समझ ही नहीं पाया फिर खुद भी अपने फोन के लिए ट्रेन से कूद गया.. पत्थर पर उसका सिर टकराया और उसकी डेथ हो गई.. पेपर में यह पढ़ते ही मन इतना खराब हो गया... मन अंदर तक रो दिया कि एक युवा जिसके कितने सपने थे.. एक शानदार भविष्य था... सब एक सेकंड में खत्म हो गया... उसके मां-बाप का क्या होगा... उनकी तो दुनिया ही खत्म हो गई.
मुझे पढ़कर यही लगा एक फोन ने सब कुछ खत्म कर दिया क्योंकि फोन भी ऐसा वैसा नहीं आईफोन था... उस लड़के की दुनिया और अपनी दुनिया को लेने भागा तो खुद की दुनिया ही खत्म कर ली.
आज हम सब इस टेक्नोलॉजी के इतने दीवाने हो गए कि इसको ही अपनी दुनिया बना लिया... यह हमको हमारी जान से भी प्यारा लगने लगा है.. इसको पाने को हम सब कुछ दांव पर लगा देते हैं... हो सकता है अगर आईफोन की जगह नॉर्मल फोन होता तो वह शायद ट्रेन से नहीं कूदता और आज इस दुनिया में होता.
एक किस्सा मेरे साथ भी हुआ... हमने भी हमारे बेटे को महंगा आईफोन दिलाया उसका पहला फोन वह भी आईफोन वह भी बहुत खुश था... हम बाहर ट्रिप पर गए और जब हम इमीग्रेशन लाइन में खड़े हुए तो मुझे पता चला कि मेरा बेटा बस में ही अपना फोन भूल गया... वैसे वापस हमें उसी बस में जाना था.. पर वह 2 घंटे मेरे और मेरे बेटे के लिए 2 साल से कम नहीं थे... कभी मैं उस पर गुस्सा करती... कभी दुख होता.. उसका फोन खो गया तो उसका क्या होगा और उसकी हालत वह तो खुद ही जानता था... एक अपराध बोध से ग्रस्त था .
एक जोक भी है.. एक लड़की का एक्सीडेंट हुआ सब ने पूछा कहीं लगी तो नहीं... कहीं हड्डी तो नहीं टूटी और उसने कहा पहले देखो मेरा फोन तो नहीं टूटा.. उसको अपने लगने की नहीं अपने फोन की चिंता थी... यह जोक हमारी मेंटालिटी पर जोक है.
. मैं यह नहीं कह रही कि हमें नये नये गैजेट नहीं लेने चाहिए पर उसको अपने ऊपर इतना हावी नहीं करना चाहिए कि हमारी जान पर बन आये और बाद में पछताने को कुछ भी ना रह जाये.
Mujhe bhi yaad hai vo 2 ghante😂😀...anyways nice written
ReplyDelete😃😃....thanku so much di🙂🙏
ReplyDeleteWell written bhabhi
ReplyDeleteThanku shikha🙂
ReplyDeleteसही कहा
ReplyDeleteसभी गैजेट्स के पीछे पागल रहते है
Really👍
Deleteit's a bitter truth risha ,well written and good message to all..
ReplyDeleteit's a bitter truth risha well written and good message to all...
ReplyDeleteThanku so much dear😍😍
ReplyDeleteAjkl sabhi ne phone ko apni duniya bna li.....very true written dii
ReplyDeleteThanku ritu🙂
ReplyDeleteReally true badi mummy
ReplyDeleteThanku beta 🙂
ReplyDeleteGadgets humari aavashyaktao ko pura karne ke saadhan matra hai. Inhe hi humara jeevan barbaad karne ka saadhan nahi banne dena chahiye.
ReplyDeleteWell written Di..😊
Bilkul.....thanku sonu🙂
ReplyDeleteVery nicely described di.👌👌👌👌.vese ye ek bitter truth h ki aj kal logo ki duniya mobile se hi Shuru aur mobile par hi khatam ho jati h baki sab relationship formality rah gayi h.👌👌
ReplyDeleteVery true ankita...and thanku sooo much🙂🙏
ReplyDeletesach me har koi isme qaid ho gya hai but sochne wali baat hai ki iska kitna use hona xhahiye
ReplyDeletenice risha didi
Right bhabhi....thanku so much🙂🙏
ReplyDeleteTrue n very nice though 👍
ReplyDeleteThanku bhabhi🙂
ReplyDeleteBilkul sahi nice subject raise well done
ReplyDeleteThanku bhaiya😘😘
ReplyDeleteIt’s so true Mosi!! Anyways, beautifully written!!
ReplyDeleteThanku beta🤗🤗
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